पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिल्थाम तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री गो-बैक के नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराए और सीएम के जनसभा स्थल रामलीला मैदान की ओर बढ़ने की कोशिश की जिसे लेकर पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, अग्निवीर योजना को समाप्त करने, पिथौरागढ़ बेस अस्पताल की बदहाली और बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर मुखर थे। पुलिस के बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने के बाद आक्रोशित कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। करीब पौन घंटे (1 घंटे, 45 मिनट) तक चले इस हंगामे के कारण तिराहे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लंबा जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जबरन प्रदर्शनकारियों को उठाकर वैन में ठूंसना शुरू किया। भारी विरोध के बीच पुलिस सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन ले गई।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि आज राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ आमजन में भारी गुस्सा है और जनता आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दमनकारी हथकंडों से विरोध की आवाज दबाना चाहती है। युवा नेता चंचल बोरा और पूर्व दायित्वधारी मनोज ओझा ने भी सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि बार-बार घोषणा के बावजूद डीडीहाट जिला आज तक धरातल पर नहीं उतर पाया है।
प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिलोक महर, पार्षद राहुल लुंठी, जिला महामंत्री हिमांशु ओझा, लक्षित भंडारी, ललित, योगेश, निशीद उप्रेती, त्रिभुवन चुफाल, हिमांशु चुफाल, शंकर लाल, एडवोकेट आसिफ, कोमल साही, नवीन कापड़ी, अनन्य माहरा, चंचल चौहान, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष धीरज बेरी, विक्रम देऊपा, उमेद विश्वकर्मा, बसंत जोशी, मन्नू ठकुराठी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।