मुनस्यारी एसडीएम दफ्तर में तहरीर देते पातों के सरपंच और अन्य लोग
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रालम वन पंचायत के राजरंभा तोक में कीड़ाजड़ी (यारसा गंबू) दोहन को लेकर मंगलवार शाम पातों और बुई गांवों के लोगों के बीच टकराव हो गया। इस दौरान कई महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी के भी आरोप लगे हैं। साथ ही वहां लगाए गए टेंट और खाने के सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। बुधवार को सरपंच दीवान सिंह जेष्ठा के नेतृत्व में पातों के ग्रामीण एसडीएम दफ्तर पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम के पेशकार देवेंद्र सिंह को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बुई के 15 लोगों के खिलाफ तहरीर दी।
तहसील मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर रालम वन पंचायत भारत-तिब्बत सीमा पर अंतिम वन पंचायत है। बताया गया कि मंगलवार शाम करीब तीन बजे पातों गांव के 31 परिवारों के लोग अपने वन पंचायत राजरंभा में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए महिलाओं के साथ टेंट लगा रहे थे। आरोप लगाया कि तभी बुई गांव के दो दर्जन लोगों ने हथियारों के साथ पातों गांव के लोगों पर हमला कर दिया। तहरीर में बुई गांव के लोगों पर डराने के लिए फायर करने, टेंट फाड़ने और महिलाओं के साथ बदसलूकी का भी आरोप लगाया गया है।
पातों के सरपंच ने 15 लोगों के खिलाफ एसडीएम कार्यालय में तहरीर दी है। एसडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी ने राजस्व निरीक्षक राजेंद्र सामंत, देव सिंह धपवाल एवं कमल उपाध्याय के नेतृत्व में राजस्व पुलिस और वन विभाग की टीम गठित कर घटना स्थल को रवाना किया और जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पहले भी हो चुके हैं कई विवाद
नागनी धूरा और राजरंभा क्षेत्र में कीड़ाजड़ी दोहन को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं। 15 मई को एसडीएम कार्यालय में विवाद को लेकर दोनों गुटों ने शिकायत की थी। इस पर एसडीएम ने सरपंच को पातों एवं बुई के लोगों के साथ बैठक कर मामला सुझाने को कहा था, मगर विवाद नहीं सुलझा और मंगलवार को एक बार फिर टकराव हो गया।