पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए पहुंच रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थापित डायलिसिस यूनिट तक पहुंचने के लिए लगाई गई लिफ्ट दो माह से अधिक समय से खराब चल रही है। ऐसे में मरीजों के साथ ही तीमारदारों को डायलिसिस यूनिट तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
तीमारदार मरीजों को व्हील चेयर से डायलिसिस यूनिट तक ऊपर और ऐसे ही बेस अस्पताल के परिसर तक ला रहे हैं। यही नहीं डायलिसिस यूनिट तक जाने के लिए रैंप की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में तीमारदारों को मरीज को 50 से अधिक सीढि़यां चढ़ाकर डायलिसिस यूनिट तक पहुंचाना पड़ रहा है।
हर रोज औसतन 14 मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं लेकिन लिफ्ट खराब होने से डायलिसिस यूनिट तक पहुंचने के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कभी कोई हादसा भी हो सकता है। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय आर्य का कहना है कि लिफ्ट को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से बात की गई है, जब वहां से मैकेनिक आएंगे तभी लिफ्ट सही हो पाएगी। ऐसे में मरीज और उनके तीमारदारों को कब अगली बार कब लिफ्ट का इस्तेमाल करने को मिलेगा, कहा नहीं जा सकता।
सात मशीन हैं स्थापित
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में हंस फाउंडेशन ने सात डायलिसिस यूनिट स्थापित की हैं। डायलिसिस यूनिट स्थापित होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है। हंस फाउंडेशन का स्टाफ ही डायलिसिस यूनिट का संचालन करता है। पहले डायलिसिस के लिए मरीज को हल्द्वानी या बरेली की दौड़ लगानी पड़ती थी। संवाद
बेस अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट में डायलिसिस कराना मरीजों के लिए मुश्किल हो रहा है। पिछले कुछ समय से लिफ्ट खराब होने के कारण यूनिट तक पहुंचने के लिए मरीज जान जोखिम में डालकर डायलिसिस कराने पहुंच रहे हैं। बेस की बदहाली की ओर शासन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। - अंजू लुंठी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष।
डायलिसिस यूनिट में लगाई गई लिफ्ट को जल्द ठीक कराया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया जाएगा। लिफ्ट भविष्य में खराब न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता में है। - रघुवीर सिंह, भाजपा जिला प्रवक्ता।
लिफ्ट को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से बाती की गई है। वहां से मैकेनिक आएंगे तभी लिफ्ट ठीक हो पाएगी। मरीजों और उनके तीमारदारों को जो परेशानी हो रही है, उसके लिए हमें खेद है। - डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़।