चंपावत/लोहाघाट। रोडवेज को लोहाघाट डिपो पुरानी बस के भरोसे रह गया है। 32 बस के बेड़े में करीब 20 बस ऐसी हैं जो पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। बस की कमी अब यात्रियों पर भी भारी पडऩे लगी हैं। बस की कमी का असर वर्तमान में दो रूट पर पड़ रहा है। इसमें एक रूट पर बस का संचालन नहीं हो रहा है जबकि दूसरे रूट पर एक दिन छोड़कर बस का संचालन हो रहा है।
रोडवेज की जूनियर स्टेशन इंचार्ज मंजू जोशी ने बताया कि लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 32 बस हैं। इनमें से 22 पुरानी और 10 नई बस हैं। बस की कमी से लोहाघाट-देवीधुरा-देहरादून रूट पर बस सेवा बंद है जबकि लोहाघाट काशीपुर बस सेवा एक दिन छोड़कर संचालित हो रही है। रोडवेज के प्रभारी फोरमैन सलमान ने बताया कि 30 में से 10 बस नई हैं जबकि करीब 20 बसें पर्वतीय मानक का सात लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर चुकी हैं। पुरानी बस बीच रास्ते में ही खराब हो रही हैं इससे यात्रियों की काफी फजीहत हो रही है। रोडवेज की कुछ बस में फॉग लाइट नहीं लगी थी जबकि कुछ बस के शीषे भी टूटे हुए थे।
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इन रूट पर चलती हैं बस
लोहाघाट डिपो से दिल्ली, गुरूग्राम, देहरादून, बरेली, हल्द्वानी, पोंटा साहिब, नैनीताल, काशीपुर आदि रूट पर बस का संचालन होता है।
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रोडवेज में नियमित चालक 21, संविदा चालक 33, विशेष श्रेणी चालक 20 और एजेंसी चालक 6, नियमित परिचालक 15, संविदा परिचालक दो, विशेष श्रेणी परिचालक 59, एजेंसी परिचालक आठ तैनात हैं।