स्त्री रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने से पिथौरागढ़ हरगोविंद पंत जिला महिला अस्पताल में दो जनवरी तक सिजेरियन (जटिल प्रसव) नहीं होंगे। इस तरह के मामले आने पर प्रसव के लिए अल्मोड़ा रेफर किया जाएगा। 29 को ऐसे ही दो मामले रेफर किए गए।
पिथौरागढ़ जिले की महिलाएं प्रसव के लिए एकमात्र पिथौरागढ़ जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, कनालीछीना, डीडीहाट से भी प्रसव के लिए महिलाएं पिथौरागढ़ पहुंचती हैं। जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएमओ के आठ पद स्वीकृत हैं। इनमें से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और एनेस्थेटिस्ट का पद रिक्त है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित तीन चिकित्सक 29 दिसंबर से अवकाश पर चली गई हैं। अब अस्पताल में केवल दो महिला चिकित्सक डॉ.नीलम अधिकारी और डॉ.सुहासिनी हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने से आगामी दो जनवरी तक सिजेरियन से प्रसव नहीं होंगे। प्रसव के जटिल मामलों को अल्मोड़ा भेजना शुरू हो गया है। रविवार को दो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल से रेफर किया गया। महिला चिकित्सकों के अनुसार जटिल मामलों को बाहर के लिए रेफर किया जाएगा। बेहद जटिल परिस्थितियों में विशेषज्ञ को बुलाकर अस्पताल में ही सिजेरियन कराया जाएगा।
प्रतिदिन भर्ती होती हैं 12 से 25 महिलाएं
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 12 से 25 महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती होती हैं। इनमें से दो से पांच महिलाओं का आपरेशन से प्रसव होता है। ऐसे में अस्पताल में पांच दिनों तक सिजेरियन नहीं होने से गर्भवती महिलाओं के साथ ही तीमारदारों को भी भारी परेशानी उठानी होगी। जहां अच्छी आर्थिक स्थिति वाले लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाएंगे वहीं गरीब और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।