धारचूला (पिथौरागढ़)। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की टीम ने कैलास मानसरोवर, छोटा कैलाश यात्रा मार्ग के निरीक्षण का काम पूरा कर लिया है। इस बार रास्ते, पड़ावों को ज्यादा सुधार की जरूरत नहीं है। निगम की टीम ने गुंजी से नाभीढांग तक और गुंजी से ज्योलिंगकांग तक के पैदल रास्ते का जायजा लिया। निगम की टीम यात्रा शुरू होने से पहले हर साल रेकी पर जाती है।
टीम के सदस्यों ने निगम मुख्यालय को जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार इस बार रास्ते को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। टीम के सदस्यों ने पड़ावों की व्यवस्था की जानकारी ली। बताया कि पड़ावों में इस बार नया बिस्तर पहुंचाया जाएगा। भोजन की व्यवस्था बेहतर की जाएगी।
टीम के सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि इस समय उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में बर्फ कम है। हालांकि वहां मई में भी हिमपात की संभावना रहती है। यदि मई में बर्फ गिरती है तो लिपुलेख दर्रे को पार करते समय यात्रियों को बर्फ से होकर गुजरना पड़ेगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही अगली तैयारी की जाएगी।
डीडीहाट। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में यात्रियों का भव्य स्वागत होगा। हर दल को जाते समय ब्रीफिंग के लिए आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय जाना होता है। वहां पर यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी जाएगी। वापसी में भी यात्री आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय आते हैं।
डीडीहाट। यदि कैलास मानसरोवर की यात्रा के समय धारचूला से नारायण आश्रम वाली रोड बंद होती है तो धारचूला से गर्वाधार वाले रास्ते को भी विकल्प के तौर पर खुला रखा जाएगा। इसी तरह अल्मोड़ा से धारचूला जाते समय यदि बेड़ीनाग, डीडीहाट वाली सड़क में कोई बाधा आती है तो यात्री अल्मोड़ा से दन्या होते हुए धारचूला को भेजे जाएंगे।