पिथौरागढ़ के कुमाऊं मंडल विकास निगम में जयकारे लगाते कैलाश यात्री
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गुंजी में तीन दिनों से फंसे 17वें और 18वें दल के कैलाश यात्री मंगलवार को वायु सेना के हेलीकाप्टर से पिथौरागढ़ पहुंचे।
केएमवीएन गेस्टहाउस में कुछ देर रुकने के बाद यह यात्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए। 17वें दल के 22 यात्रियों में 16 पुरुष और छह महिलाएं थी। 18वें दल के 27 यात्रियों में 21 पुरुष और छह महिला यात्री शामिल थीं। इन यात्रियों के दिल्ली पहुंचते ही कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न हो जाएगी।
इस साल कुल 892 यात्रियों ने कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा की। इसमें 672 पुरुष और 220 महिला यात्री शामिल रहे। यात्रा के लिए दिल्ली में कुल 906 यात्रियों का पंजीकरण हुआ था। इसमें 14 यात्रियों ने स्वास्थ्य कारणों से बीच में ही यात्रा छोड़ी।
पहली बार हेलीकाप्टर से हुई यात्रा
पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा में पहली बार हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध रही। पहले दल को छोड़कर शेष 17 दलों के यात्रियों को मार्ग खराब होने के कारण पिथौरागढ़ से हेलीकाप्टरों से सीधे गुंजी पहुंचाया गया। हालांकि हेली सेवा पर निर्भरता के कारण यात्रियों को मौसम खराब होने पर कई- कई दिन का इंतजार भी करना पड़ा। यात्रा रूट परिवर्तित होने से पहली बार जिला मुख्यालय को आधार शिविर बनाया गया था। इससे पहले धारचूला में ही आधार शिविर बनाया जाता था। सभी यात्रा दलों के लौटने के बाद केएमवीएन के पड़ावों पर तैनात निगम कर्मी और अन्य कर्मचारी भी लौट आए हैं। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि यात्रा सकुशल रही।