धारचूला(पिथौरागढ़)। देश में संचार क्रांति के दावों के बीच सीमांत जिले में लोग अब भी नेपाली सिम के भरोसे हैलो-हाय करने के लिए मजबूर हैं। ऐसा ही हो रहा है चीन सीमा पर धारचूला क्षेत्र के सिरखा और पांगला में। इन क्षेत्रों में मोबाइल टावरों के काम न करने से संचार सेवा ठप है। ऐसे में ग्रामीण और सुरक्षा कर्मी नेपाली सिम का उपयोग करने के लिए मजबूर हैं। संचार सेवा ठप रहने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
ग्राम प्रधान सिरखा जसपाल सिंह और प्रधान पांगला सपना बिष्ट ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से मोबाइल में सिग्नल नहीं आने से मानसून काल में सूचना का आदान-प्रदान भी नहीं हो पा रहा है। साथ ही निचली घाटी में रह रहे अपने परिजनों से बात करने के लिए लोगों को मजबूरी में नेपाल के नेटवर्क का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाली नेटवर्क का रिचार्ज अधिक होने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। प्रधान सपना बिष्ट ने बताया की पांगला गांव कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित है। मोबाइल में सिग्नल नहीं होने से सड़क की स्थिति के साथ ही अन्य घटनाओं की सूचना देना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन और विभाग से शीघ्र संचार व्यवस्था ठीक किए जाने की मांग की है।
सीमांत मंच में बीएसएनएल नेटवर्क व्यवस्था फेल
मंच/चंपावत। सीमांत मंच क्षेत्र में बीएसएनएल की संचार सेवा लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। यहां 5जी फोन उपयोगकर्ताओं को कुछ बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है जबकि 4जी फोन वाले ऊंची पहाड़ियों पर जाने को विवश हैं। पिछले चार दिनों से स्थिति खराब है और किसी निजी मोबाइल सेवा की अनुपलब्धता से परेशानी बढ़ी है।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से संचार सेवा बदहाल होने से करीब पांच हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को एक युवती को अपने सेना में भर्ती भाई से बात करने के लिए ऊंची पहाड़ी पर भी संचार सेवा नहीं मिली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि देश 6जी तकनीक की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ग्रामीण आज भी पहाड़ों की चोटियों पर जाते हैं। खिलाड़ियों ने भी संचार व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि हल्की बारिश में बीएसएनएल की सेवा पूरी तरह ठप हो जाती है। 4जी फोन अब केवल कहने की बात है।
स्थानीय रोहित महर, रितेश सिंह, राजेश सिंह, हिमांशु और पंकज ने बताया कि हजारों उपभोक्ता लंबे समय से संचार समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की। युवाओं और उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में किसी निजी दूरसंचार कंपनी की मोबाइल सेवा शुरू करने और बीएसएनएल की नेटवर्क व्यवस्था में शीघ्र सुधार की मांग की।