धारचूला(पिथौरागढ़)। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया का सपना सीमांत में साकार हो रहा है। चीन सीमा से सटे दारमा घाटी के भारतीय गांवों में वी सेट के माध्यम से संचार सेवा शुरू करने का काम तेजी से हो रहा है। बालिंग के बाद दारमा घाटी का अंतिम गांव सीपू भी संचार सेवा से जुड़ गया है।
भारत सरकार की योजना के तहत बीबीएनएल कंपनी वी सेट लगा रही है। सीमांत के 35 गांवों में वी सेट के माध्यम से संचार सेवा शुरू की जाएगी। इनमें दारमा घाटी में 13 गांव बोगलिंग, सेला, चल, नागलिंग, बालिंग, दुग्तू, दांतू, गो, बोन, फिलम, तिदांग, मारछा, सीपू शामिल हैं। व्यास घाटी में सात गांवों बुदी,गर्ब्यांग, नप्लचु, गुंजी, नाबी, रोंकांग, कुटी में भी वी सेट से ही संचार सेवा उपलब्ध होगी। धारचूला तहसील के ही चौदास घाटी के तीन गांवों धारपांगू, बुंगबुंग (सिमखोला) और जिप्ति में वी सेट लगेंगे। इसके अलावा मुनस्यारी के 12 गांवों बुरफू, बोना, डिमडिमिया, भवानी, नामिक, रिंगुनिया, टांगा, चुलकोट, पाचू, पातो और ढुनामनी गांव शामिल हैं।
धारचूला और मुनस्यारी के इन गांवों में अभी तक संचार की कोई सुविधा नहीं थी। यहां के लोगों को किसी तरह की आपदा की सूचना देने के लिए 30 से 70 किलोमीटर पैदल चलकर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ता था। वी सेट लगने के बाद जहां लोगों को बातचीत की सुविधा मिलेगी वहीं वाईफाई के माध्यम से वीडियो कालिंग और ह्वाट्सएप का लाभ भी सीमांत के लोगों को मिलेगा। सीपू गांव की प्रधान शांति देवी ने बताया कि दारमा घाटी के सीपू गांव तक अभी सड़क भी नहीं है। संचार सेवा शुरू होने से सभी ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। दांतू गांव के प्रधान जमन सिंह ने बताया कि अब माइग्रेशन के समय ग्रामीण देश विदेश में मौजूद परिजनों से बातचीत कर सकेंगे। यह बेहद सुखद अहसास है। वीसेट लगा रही वीवीएनएल कंपनी के इंजीनियर इस समय दारमा घाटी में वीसेट लगा रहे हैं। गांव-गांव वी सेट लगने से चीन सीमा पर भारतीय सूचना तंत्र भी मजबूत होगा।