जिला पंचायत की बैठक में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि
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जिला पंचायत की बैठक में सड़कों की खराब दशा के लिए लोनिवि, पीएमजीएसवाई और एडीबी कंस्ट्रक्शन डिवीजन की कार्यशैली पर रोष जताया गया। बाद में जिला पंचायत की संस्तुति पर सातशिलिंग-थल, चौबाटी-जौरासी और देवलथल-बमडोली सड़कों की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी आशीष चौहान की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की सड़कों की दुर्दशा पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। कहा गया कि नई बन रही सड़कों पर निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा गया कि जिन भवनों को मरम्मत की जरूरत है, उनके प्रस्ताव तत्काल तैयार किए जाएं। यह भी मांग उठी कि शिक्षा विभाग के कामों की निर्माण इकाई जिला पंचायत को बनाया जाना चाहिए। आदर्श विद्यालयों में शिक्षकों के सभी पद भरने को कहा गया। पेयजल निगम की समीक्षा के दौरान कहा गया कि जितनी भी पेयजल योजनाएं आपदा से क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि समय पर मरम्मत का काम हो सके।
जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि कूटा-जमतड़ी और ग्वासीकोट पेयजल योजना का निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा। बैठक में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवा उपलब्ध कराने, डॉक्टरों की तैनाती करने की मांग की गई। मुनस्यारी के रालम गांव में वायरल फैलने का मामला भी उठाया गया। सीडीओ ने बताया कि रालम गांव के लिए मुनस्यारी से डॉक्टरों की टीम रवाना हो गई है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलवंत मेहरा, डीआरडीए के परियोजना निदेशक नरेश कुमार, डीडीओ गोपाल गिरी, सभी विभागों के अधिकारी और सदस्य मौजूद थे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी जेपी आर्य ने किया।