आयुक्त पांडियन ने सीएमओ की ली जमकर क्लास
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कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने पीपीपी मोड से संचालित मुनस्यारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों की डिग्री की जांच के आदेश दे दिए हैं। आयुक्त ने बुधवार को यहां अधिकारियों की बैठक में जानना चाहा कि आखिर मुनस्यारी के पीपीपी मोड अस्पताल में आपरेशन के लिए ब्लड का इंतजाम क्यों नहीं हो पा रहा है। आयुक्त की जानकारी में आया था कि पीपीपी मोड के अस्पताल में कई डाक्टरों की एमबीबीएस की डिग्री संदिग्ध है।
पीपीपी मोड के इस अस्पताल का संचालन बरेली के गंगाशील अस्पताल की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने सीएमओ डॉ. यूएस अधिकारी से पूछा कि अस्पताल के संबंध में कितनी जानकारी है और अब तक इस दिशा में क्या कदम उठाए गए तो सीएमओ कोई जवाब नहीं दे पाए। आयुक्त ने सीएमओ को जमकर लताड़ लगाई। कहा कि तीन दिन बाद वह मिलम से लौटेंगे। फिर से बैठक ली जाएगी। यदि उस बैठक में सही सूचनाएं नहीं मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
आयुक्त ने एसडीएम को आदेश दिया कि पीपीपी मोड में तैनात हर डॉक्टर की डिग्री की जांच करें। यदि किसी ने फर्जी डिग्री के सहारे काम शुरू किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। थल-मुनस्यारी मार्ग के गड्ढों को अब तक नहीं भरे जाने पर भी आयुक्त ने सख्त नाराजगी दिखाई। लोनिवि के अधिकारियों से कहा कि तत्काल इस दिशा में काम करें और तत्काल गड्ढों को भरें। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता बैठक में उपस्थित नहीं हुए। उनके खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने शिक्षा, मध्याह्न भोजन, स्वास्थ्य विभाग के कामों की खासकर समीक्षा की। चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम की प्रगति के बारे में जानकारी हासिल की। श्री पांडियन ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं, वरना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। आयुक्त ने कहा कि वह मिलम से लौटने के बाद 23 अक्तूबर को फिर से मुनस्यारी में बैठक लेंगे। उस बैठक में हर विभाग के अधिकारी को उपस्थित रहना जरूरी है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आयुक्त के सख्त तेवरों से अफसरों में हड़कंप मच गया।