चंपावत। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चंपावत कैंपस में आज तक एमकॉम की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र-छात्राओं को लोहाघाट, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी और नैनीताल का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों की अन्य विषय से पढ़ने या कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूरी बन जाती है।
कैंपस में बीकॉम में करीब 70 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यार्थी कई बार एमकॉम पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। स्नातकोत्तर शिक्षा की सुविधा नहीं होने से कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई प्रभावित होती है। जबकि कुछ छात्र आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा का सपना भी छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में इंटर कॉमर्स छात्र-छात्राएं मजबूर होकर बीए ले रहे हैं।
.........
एमकॉम की पढ़ाई शुरू होती तो कैंपस में कॉमर्स में प्रवेश का ग्राफ भी बढ़ता। पढ़ाई के लिए बाहरी जिलों के कैंपस और महाविद्यालयों में जाने की मजबूरी के कारण वाणिज्य विषय में छात्रसंख्या भी कम रहती है।
मनीष महर, छात्र नेता, चंपावत कैंपस
.........
एमकॉम संचालन के लिए एसएसजे विश्वविद्यालय प्रबंधक को जल्द काम करना चाहिए। लंबा समय बीत जाने के बाद मांगों की अनदेखी की गई है। एमकॉम संचालित होगा तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को अधिक लाभ मिलेगा।
मुकेश महर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, चंपावत कैंपस।
...........
एमकॉम संचालन के लिए कुलपति को पत्र दिया गया और वार्ता भी चल रही है। उम्मीद है जल्द ही इसकी अनुमति मिलेगी।
-प्रो. पीएस बिष्ट, प्रभारी निदेशक