चंपावत। सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता पुष्कर धामी के मार्गदर्शन में रविवार को जीजीआईसी सभागार में सावन उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सावन की उमंग और उत्तराखंड की लोक संस्कृति से सजे उत्सव में भगवान शिव-पार्वती को समर्पित नृत्य, हिमाचली नृत्य, नंदा-सुनंदा, सातूं-आठूं (गौरा-महेश) और झोड़ा-चांचरी की प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। विद्यालय और डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने भी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडर ट्रस्टी और सीएम पुष्कर सिंह धामी की माता बिशना देवी ने दीप जला कर किया। मुख्य अतिथि फाउंडर ट्रस्टी गीता ने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने उत्तराखंड की संस्कृति को जीवंत कर दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का उद्देश्य लोक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा और पौधों का बच्चों की तरह पालन-पोषण करने का आह्वान किया।
महिलाओं के लिए सुपर ईजा डांस, मिसेज सावन क्वीन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रैंप वॉक के माध्यम से मिसेज सावन क्वीन का चयन किया गया। सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स के तहत सबसे दूर से आई प्रतिभागी, सबसे सुंदर मुस्कान और आकर्षक पारंपरिक परिधान सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
उत्सव में महिला समूहों ने मेहंदी, ऐपण कला, लोहे के बर्तन, जूट के बैग और पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल लगाए। लाइव मेहंदी, सेल्फी प्वाइंट और झूला भी आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को नंदा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।
यहां दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडेय, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, सीओ निहारिका सेमवाल आदि मौजूद थे।
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महिलाओं ने झूला-झूला
जीजीआईसी में आयोजित सावन उत्सव कार्यक्रम में महिलाओं में खासा उत्साह रहा। कार्यक्रम स्थल पर लगाए सावन के झूले में बैठकर महिलाओं ने झूला-झूला। अधिकतर महिलाएं हरे रंग की साड़ी पहने दिखीं। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते हैं। सावन सेल्फी पॉइंट पर महिलाओं ने सेल्फी भी ली। इस दौरान जीजीआईसी बालिकाएं भी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आईं।
चंपावत के जीजीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में हाथ में फूलों की थानी और पारंपरिक वेशभूषा में खड़ी