सीएम के न आने पर गणाईगंगोली में विकास कार्यों का शिलान्यास करते विधायक नारायण राम
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मुख्यमंत्री हरीश रावत का हेलीकॉप्टर गणाईगंगोली नहीं पहुंच पाया। वह रास्ता भटककर बागेश्वर क्षेत्र में पहुंच गया। करीब एक घंटे बाद रास्ता भटकने की बात आयोजन स्थल पर मिली। इसके बाद विधायक नारायण आर्य ने विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास किया। बताया गया कि सीएम का हेलीकॉप्टर बागेश्वर के रीमा क्षेत्र मोहली गांव में उतरा, वहां करीब 5 मिनट तक वहां रुका रहा।
मुख्यमंत्री रावत बुंगाछीना में कार्यक्रम में शिरकत कर दोपहर दो बजे हेलीकॉप्टर से गणाईगंगोली रवाना हुए। सीएम को 2.10 बजे गणाईगंगोली पहुंचना था, लेकिन सीएम का हेलीकॉप्टर गणाईगंगोली नहीं पहुंचा। काफी देर तक हेलीकॉप्टर के गणाईगंगोली नहीं पहुंचने पर आयोजकों की चिंता बढ़ गई। 3.20 बजे मुख्यमंत्री से फोन पर विधायक नारायण राम का संपर्क हो पाया। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर के गलत रूट पर जाने की बात बताई। सीएम ने बताया कि अब ईंधन की कमी के कारण वह देहरादून लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री के गणाईगंगोली न पहुंचने से कांग्रेस कार्यकर्ता मायूस दिखाई दिए।
इसके बाद विधायक नारायण राम आर्य ने 50.88 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 12 किमी लंबे देवराड़ीपंत-वासुकीनाग-काकड़पानी मार्ग, 59 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 5 किमी लंबे धरमघर से वासुकीनाग तक मोटर मार्ग, 48.23 रुपए की लागत से घांघल में बनने वाले सामुदायिक विकास सह बाजार केंद्र, 79.33 लाख रुपए की लागत की सारतोला पेयजल योजना, 54.42 रुपए की लागत की सनखेत-गोल्थीचौड़ा पेयजल योजना का शिलान्यास किया। 28 लाख रुपए की लागत के कालीविनायक-जाबुकाथल मार्ग के डामरीकरण, 28 लाख रुपए की लागत के पांखू-कोटगाड़ी मार्ग के डामरीकरण के काम का लोकार्पण किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, ब्लॉक प्रमुख रेखा भंडारी, कांग्रेस प्रदेश सचिव विक्रम डसीला, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अशोक बोरा, महेश डसीला आदि मौजूद थे।