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पिथौरागढ़: आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में दौड़े सीएम, अगले साल माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन

Sun, 25 Oct 2026 12:35 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़

सार

पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग कर विजेता धावकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने मई 2027 में माणा पास से औली तक 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन आयोजित करने की घोषणा की।
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पिथौरागढ़ के गुंजी में हुई आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। उन्होंने 70 और 42 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत करने के साथ देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, विषम मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच दौड़ पूरी करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों और जवानों की सराहना की तथा उन्हें सम्मानित किया।

मई 2027 में माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित की जाएगी। लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होने वाली यह दौड़ बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। इससे देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की हिमालयी भौगोलिक परिस्थितियों और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को जानने का अवसर मिलेगा।
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पिछले वर्ष 700 से अधिक धावकों ने लिया था हिस्सा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। आयोजन की सफलता से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को अंतिम गांव के बजाय देश के प्रथम गांव के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अनुरूप सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।

स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजनों से होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों और होटल व खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने में मदद मिले।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का आयोजन किया गया। उत्तराखंड में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी में भी साहसिक पर्यटन का विस्तार हो रहा है।

कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री एवं उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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