मुनस्यारी तहसील के तल्लाजोहार क्षेत्र में बुधवार को आधी रात के बाद करीब दो बजे बादल फटने से भारी तबाही मच गई। बज्रपात और मलबे की चपेट में आकर 150 बकरियों की मौत हो गई। राजस्व विभाग की टीम क्षति का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गई है, लेकिन संचार सेवाएं ठप होने के कारण क्षति की पूरी रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। आपदा में मरे जानवरों की संख्या बढ़ सकती है। बादल फटने से कई नाले उफान पर आ गए। होकरा गांव को जोड़ने वाले दो पैदल पुल बह गए। वहां एक घराट भी बह गया है। पेयजल लाइन का कहीं अता-पता नहीं है। रामगंगा में बागेश्वर जिले के काभड़ीपैर गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुल भी बह गया। काभड़ीपैर में झूलापुल निर्माण के लिए रखी गई सामग्री भी पानी की भेंट चढ़ गई है।
राजस्व पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा तबाही किमखेत ग्राम पंचायत के उपदिया गांव और चुधरीग्वार में मची है। वहां पर 150 बकरियां अलग-अलग स्थानों पर मलबे में दबकर और बिजली गिरने से मारी गई। होकरा, गौला, खोयम, रांथी, सैणरांथी, बेड़ूमहर, क्वीटी, सेमली, समकोट में ओलों की मार से जबर्दस्त नुकसान हुआ है। वहां पर ग्राम्या की ओर से चार हेक्टेयर में तैयार की गई नर्सरी नष्ट हो गई है। राजस्व उपनिरीक्षक मनोज कुमार, डीडी वर्मा ने बताया कि कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। उपदिया गांव में प्रदीप सिंह के मकान की छत उड़ गई। रात में लोग मौसम को देखकर भारी दहशत में रहे। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश मेहरा ने बताया कि संचार सेवा ठप होने से सूचना देने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने जिला स्तर से अफसरों की टीम भेजने की मांग की है।
इधर, क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने इतनी बड़ी आपदा के समय प्रशासन की संवेदनहीनता पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की अगवानी में लगे प्रशासन ने घटना को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद ही इस क्षेत्र का निरीक्षण करने आना चाहिए था।
दूसरे दिन भी बारिश का क्रम जारी
पिथौरागढ़। जिले के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश का क्रम जारी रहा। नाचनी, क्वीटी, मुनस्यारी, धारचूला, बंगापानी में शाम पांच बजे से जोरदार बारिश हुई। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में बेड़ीनाग में 6, मुनस्यारी में 16, डीडीहाट में 3, धारचूला में 12 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। जिला मुख्यालय में शाम को गरज वाले बादल सक्रिय हो गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से गर्मी का असर कम हो गया है।