पिथौरागढ़ के कुजिगाड़ में तेज बारिश से दरकी जमीन
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बेमौसम बरसात से तबाही का आलम पहाड़ों में दूसरे दिन भी जारी रहा। धारचूला के पांगला गांव के मेलाधार में शुक्रवार देर रात एक गधेरे में बादल फटने से कैलाश यात्रा मार्ग को नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बाद होने के साथ एसएसबी की चेकपास्ट और कई घरों में मलबा घुस आया। राहत भरी बात सिर्फ इतनी है कि कोई जानहानि नहीं हुई है। यह जानकारी ग्राम प्रधान की सूचना पर गांव पहुंचे कानूनगो मनोहर अवस्थी ने दी। उधर पिथौरागढ़ से करीब 20 किमी दूर स्थित कुजिगाड़ (चमाली) में मुसलाधार बारिश से गांव की करीब 300 मीटर जमीन दरक गई। इससे गोचर की काफी जमीन बह गई हैं और कई लोगों के खेतों में दरार आ गई है। लोहाघाट और बागेश्वर में भी बारिश और ओलों से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
पांगला गांव के प्रधान जनक सिंह ने बताया कि बादल फटने से मेला गधेरे में पानी उफान पर आ गया, जिससे पानी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की चेकपोस्ट के अलावा ग्रामीण पदम सिंह, धरम सिंह, लक्ष्मण सिंह और दुर्गा देवी के घरों में घुस गया। इससे ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रधान ने घटना की सूचना जिला प्रशासन को दी। बाद में कानूनगो मनोहर अवस्थी ने मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई घरों में पानी घुस गया। उनका कहना है कि बारिश से गेहूं और धान की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। उधर पिथौरागढ़ से करीब 20 किमी दूर स्थित कुजिगाड़ (चमाली) में शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तेज बारिश के बीच तेज आवाज के साथ कुजिगाड़ में जमीन का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और ढलान में पत्थर लुढ़कने लगे।
जमीन दरकने से लोग दहशत में आ गए। देर शाम बारिश थमने पर लोगों की सूचना पर पूर्व जिपं अध्यक्ष बोहरा राजस्व उप निरीक्षक मोहम्मद परवेज के साथ मौके पर पहुंचे। बागेश्वर जिला मुख्यालय सहित कुछ अन्य स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। 24 घंटे में कपकोट में 40 एमएम, गरुड़ में 12.50 एमएम और बागेश्वर में 10 एमएम बारिश हुई। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों और फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। शनिवार शाम फिर से बारिश शुरू हो गई। लोहाघाट के पाटी विकासखंड के लधिया घाटी क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों, सब्जियों और फलों को भारी नुकसान पहुंचा है।