मूनाकोट विकासखंड के भंडाखोली गांव में शनिवार शाम 5 बजे बादल फटने और तेज बारिश होने से दर्जन भर मकानों में मलबा भर गया। यह मलबा गौरीहाट कस्बे तक पहुंच गया। गौरीहाट में भी 4 दुकानों में भी मलबा भर गया। पूरे क्षेत्र की संचार और विद्युत सेवा ठप हो गई। झूलाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग कई स्थानों पर मलबा आने से बंद हो गया। इस कारण दर्जनों वाहनों में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। पिथौरागढ़ से गौरीहाट आई एक बारात भी सड़क बंद होने से फंस गई। झूलाघाट से लौट रही तीन बारातें भी फंस गई हैं।
सूचना मिलने के बाद झूलाघाट थाने से दल-बल के साथ जा रहे थाना प्रभारी टीएस राणा का वाहन भी सड़क पर चट्टान आने से रज्यूड़ा के पास फंस गया। इस सड़क पर गौरीहाट और बड़ालू के पास भी भारी मलबा पट गया। शनिवार शाम 5 बजे क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण भंडाखोली गांव जो कि मुख्य सड़क से 500 मीटर की दूरी पर है, वहां के अर्जुन चंद, त्रिलोक चंद, पूरन चंद, विक्रम चंद, लोकेंद्र चंद, प्रकाश चंद, जनक चंद, हरीश चंद और किशन चंद के मकानों में मलबे के साथ बारिश का पानी घुस गया। खबर लिखे जाने तक जिला मुख्यालय से आपदा राहत की कोई टीम गांव में नहीं पहुंची थी। मलबे में लोगों का राशन, कपड़े और सभी जरूरी सामान दब गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही मजिरकांडा, गौरीहाट और बड़ालू आदि कस्बों से लोग भंडाखोली गांव की ओर निकल गए हैं। भंडाखोली गांव से मिली जानकारी के अनुसार गांव के तिला चंद, इंद्र चंद, हीरा सिंह और गगन सिंह का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। गांव जाने वाले रास्ते बह गए हैं। गौरीहाट कस्बे में एक मोटरसाइकिल मलबे में दब गई और एक स्कूटी पानी के तेज बहाव के साथ बह गई।
वहीं, भंडाखोली से निकला सारा मलबा गौरीहाट कस्बे तक पहुंच गया। गौरीहाट में भरत राम की परचून की दुकान पूरी तरह नष्ट हो गई है। उन्हें लगभग 1 लाख का नुकसान हुआ है। साथ ही नवीन राम का सैलून, गोपी राम की टेलरिंग की दुकान और गोपी राम की दुकान में भी मलबा घुस गया है। गौरीहाट के इंटर कॉलेज की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही खरक्यूड़ा गांव में भी मकानों में पानी भर गया है। बड़ालू में बनाई गई कृत्रिम झील फट गई है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों ने पानी के बहाव से बचने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जान बचाई। घटना में जनहानि की सूचना नहीं है।
ऐसी ओलावृष्टि पहले कभी नहीं हुई
कनालीछीना। क्षेत्र के गुड़ौली समेत आसपास के इलाकों में शनिवार शाम हुई ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। लोगों का कहना है कि पहले ऐसी ओलावृष्टि कभी नहीं देखी। पेड़ों की टहनियां और पत्तियां टूटकर गिर गए। लोगों के खेतों में सब्जी, फल कुछ नहीं बचा है। इतनी ज्यादा ओलावृष्टि देखकर लोग आश्चर्य में हैं।
थल-मुनस्यारी रोड दो घंटे बंद
नाचनी। भारी बारिश के दौरान मलबा आने से थल-मुनस्यारी रोड अपरान्ह चार से छह बजे तक बंद रही। रातीगाड़ के पास सारा मलबा सड़क पर पट गया। लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए तत्काल जेसीबी मौके पर भेज दी। दो घंटे तक कई यात्री और मुनस्यारी जाने वाले पर्यटक रातीगाड़ में फंसे रहे।