फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपड़ों की कीमतों में उछाल आने लगा

Wed, 27 Sep 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
जीएसटी लागू होने के बाद परेशान कपड़ा व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सभी प्रकार के कपड़ों पर अब कम से कम पांच प्रतिशत जीएसटी लग गया है। इस कारण अब कपड़ों की कीमतों में उछाल आने लगा है। त्योहार के समय लोग नए कपड़े जरूर बनाते हैं, लेकिन महंगाई से बिक्री दस फीसदी तक कम हो गई है। पहले सरकार ने कपड़ों पर कोई टैक्स इस कारण नहीं लगाया था, क्योंकि यह कच्चे माल से तैयार होता है, लेकिन अब जीएसटी के दायरे में कपड़ों को भी ले लिया गया है।
विज्ञापन


कपड़ा व्यापारी पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के समय से ही बाजार के संकट से जूझ रहे हैं। जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह की सूटिंग, शर्टिंग, साड़ी, कंबल इसके दायरे में आ गए हैं। इसका असर घरों की सजावट के लिए लगाए जाने वाले पर्दों, पूजा के काम में आने वाले कपड़ों पर भी पड़ा है। कपड़ा व्यापारी ललित मोहन उपाध्याय का कहना है कि कपड़े को जीएसटी के दायरे में लेने से आम व्यापारी नाराज है। उन्होंने कहा कि सरकार को रोटी, कपड़ा और मकान को टैक्स के दायरे से बाहर रखना चाहिए, क्योंकि यह हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत होती है।

उन्होंने बताया कि मिलों से अब कपड़ा जीएसटी लगकर ही आ रहा है। इसी कारण फुटकर विक्रेता पर इसका भार पड़ रहा है। ब्रांडेड कंपनी के कपड़ों में ग्वालियर सूटिंग, बीएसएल, रेमंड आदि कंपनी के सूटिंग और शर्टिंग मिलते हैं। साथ ही सूर्या, सुचित्रा और शीतल कंपनी की साड़ियां मिलती हैं। इन सभी पर पहले किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता था, परंतु जीएसटी लगने के बाद से इन सभी पर कम से कम 5 प्रतिशत तक टैक्स लगने लगा है। इस कारण 10 प्रतिशत तक बिक्री कम हो गई है। अभी तो दुकानदारों के पास पुराना स्टाक है, नया माल आने पर कपड़े में और ज्यादा महंगे हो जाएंगे।
विज्ञापन


त्योहारों के समय कपड़ों की बिक्री कितनी बढ़ेगी, कहा नहीं जा सकता। इसका असर शादी के सीजन पर भी पड़ेगा। जीएसटी के कारण अन्य तरह की बाजार के साथ-साथ कपड़े का बाजार भी प्रभावित हुआ है। कपड़ा व्यापारी लगातार जीएसटी के विरोध में हैं। गुजरात में तो कपड़ा व्यापारियों ने बड़ा आंदोलन तक किया था, लेकिन सरकार ने कोई राहत नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें