घंटाकरण में क्लॉक टॉवर के सर्वे को पहुंची टीम
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अब तक बिना घड़ी वाले पिथौरागढ़ के घंटाकरण में अब देहरादून और नैनीताल की तरह क्लॉक टॉवर लगाया जाएगा। 30 फीट ऊंचे और 10 फीट चौड़ाई वाले इस टॉवर के चारों तरफ घड़ियां लगाई जाएंगी, ताकि आने जाने वालों को समय देखने में सुविधा होगी। घंटाकरण का नाम वहां पर स्थित घंटेश्वर महादेव मंदिर के नाम से पड़ा है, लेकिन बुजुर्ग बताते हैं कि घंटाकरण में कभी कोई घड़ी नहीं लगी थी।
विधायक मयूख महर ने बुधवार को घंटाकरण में क्लॉक टॉवर लगाने के लिए अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया। यह टॉवर भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा के ठीक पीछे लगाया जाएगा। यह भी बताया कि टावर लगाने में एडीबी की मद से धनराशि खर्च की जाएगी। करीब 26 लाख रुपये की राशि इस मद में रखी गई है। इसी राशि से चंडाक में बंद पड़ी मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास एक चट्टान पर बड़े अक्षरों से पेंट से पिथौरागढ़ लिखा जाएगा, ताकि दूर से लोग इस पहाड़ी को देखकर समझ जाएं कि इसी के आसपास पिथौरागढ़ है। विधायक ने बताया कि क्लॉक टॉवर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक-दो महीने के भीतर पिथौरागढ़ नगर में एक नया दर्शनीय स्थल विकसित हो जाएगा।
विधायक ने एसडीएम अनुराग आर्य, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी, जेई आरसी जोशी और आर्किटेक्ट से कहा कि तत्काल टॉवर स्थापित करने का काम शुरू कर दें। यदि कोई घड़ी खराब होगी तो उसे ठीक करने के लिए टेक्निकल स्टाफ भी मौजूद रहेगा। इधर, इतिहासकार डा. मदन चंद्र भट्ट ने बताया कि घंटाकरण उस स्थान पर स्थित घंटेश्वर महादेव मंदिर के कारण प्रसिद्ध है। पहले इस स्थान पर छोटा सा मंदिर था। धीरे-धीरे मंदिर को बड़ा बनाया गया और उसमें धर्मशाला तथा संगीत भवन भी तैयार कर दिया गया। रोज बड़ी संख्या में लोग इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। यह जगह पिथौरागढ़ नगर की सबसे खूबसूरत जगहों में है। सुबह और शाम इसी रास्ते से लोग घूमने के लिए भी जाते हैं।