पिथौरागढ़ में जल संस्थान द्वारा लगाया गया चेतावनी बोर्ड
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ठुलीगाड़ प्रदूषित पेयजल मामले की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। कई दिन गुजरने के बाद पुलिस ने प्रदूषित पानी का सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई। लगातार बढ़ते दबाव और मंत्री की सख्ती के बीच शनिवार को पुलिस सैंपल लेने पहुंची, लेकिन गंदगी साफ होने के कारण पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
ठुलीगाड़ पेयजल योजना में सैन्य अस्पताल के सीवरेज निकासी मामले में जल संस्थान की ओर से ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले की विवेचना में प्रदूषित जल के सैंपल लिए जाने थे। नियमानुसार इसकी जांच प्रयोगशाला में कराई जानी थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने सैंपल नहीं लिए। शनिवार को अचानक पुलिस की एक टीम ठुलीगाड़ सैंपल लेने पहुंची, लेकिन पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। दरअसल गंदगी मिलने के बाद जल संस्थान कई बार गधेरे और पंपिंग योजना की सफाई कर चुका है। ऐसे में अब पुलिस और जल संस्थान के पास प्रदूषित जल का सैंपल नहीं है। फिलहाल प्रदूषित जल का कोई सबूत मौजूद नहीं है। ऐसे में ठेकेदार के खिलाफ मुकदमे की विवेचना प्रभावित हो सकती है।
जांच के सिलसिले में प्रदूषित जल का सैंपल लिया जाना था। इस मामले में विवेचक की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
-शेखर चंद्र सुयाल, सीओ, पिथौरागढ़
जल संस्थान प्रदूषित जल की जांच करा चुका है। अब विभाग के पास प्रदूषित जल का कोई सैंपल नहीं है।
-विशाल कुमार, ईई, जल संस्थान
जल संस्थान ने लगाया चेतावनी बोर्ड
प्रदूषण का मामला पकड़ में आने के बाद जल संस्थान ने ठुलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजना के पास चेतावनी बोर्ड लगाया है। इसमें गधेरे में गंदगी डालने पर चेताने के साथ ही सूचना देने की भी अपील की गई है। ईई विशाल कुमार का कहना है कि पेयजल योजना में प्रदूषण की रोकथाम और चेताने के उद्देश्य से बोर्ड लगाया गया है।