सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा इंजीनियरिंग कॉलेज
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सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। कॉलेज में चली कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर विशेषज्ञों ने कहा कि कालेज के विद्यार्थियों के लिए अल्बर्ग विश्वविद्यालय डेनमार्क की स्कालरशिप और प्रोजेक्ट वर्क से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
कार्यशाला के समापन पर आज नए इलेक्ट्रानिक्स और मदरबोर्ड के प्रोग्राम डिजायन किए गए। कंप्यूटर के हार्डवेयर प्रोग्राम, ग्रीन कंप्यूटिंग, उत्तम गुणवत्ता के शोधप्रबंध तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के डीन डॉ. अभय सक्सेना ने विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रोग्राम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला नई दिशा दे गई है। सीमांत इंजीनियरिंग कालेज को अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की पूरी संभावना है।
इस दिशा में प्रयास भी किया जाएगा। कालेज के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने कहा कि कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में आयोजित इस कार्यशाला में अध्ययन के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने कहा कि समय समय पर विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ यहां आकर विद्यार्थियों को नई जानकारियां दे रहे हैं। उससे इस संस्थान का महत्व बढ़ रहा है।
इस मौके पर कंप्यूटर विज्ञान विभाग की छात्रा सावित्री मंडल को ओवरऑल परफार्मर और मोहम्मद अकसूम हुसैन को सर्वश्रेष्ठ रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यशाला का संचालन पुनीत चंद्र वर्मा, सुमित जोशी, जयदीप किशोर ने संयुक्त रूप से किया।