मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने मुनस्यारी और धारचूला विकासखंड में वन विभाग के कार्यों की जांच के लिए अलग-अलग जांच कमेटी गठित कर दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा ने मुख्य विकास अधिकारी को वन विभाग के कार्यों की जांच के लिए पत्र लिखा था।
मुख्य विकास अधिकारी ने धारचूला विकासखंड में हुए वन विभाग के कार्यों की जांच के लिए लोनिवि अस्कोट के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी में धारचूला के पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता और धारचूला के कोषाधिकारी को शामिल किया गया है। मुनस्यारी विकासखंड में हुए कार्यों की जांच के लिए लोनिवि डीडीहाट के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में ग्रामीण निर्माण विभाग डीडीहाट के सहायक अभियंता, मुनस्यारी के कोषाधिकारी को शामिल किया गया है।
30 जनवरी को जारी निर्देश में सीडीओ ने दोनों विकास खंडों में हुए वन विभाग के कार्यों की स्थलीय, तकनीकी जांच और अभिलेखों की वित्तीय जांच करने को कहा है। 15 दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने प्रभागीय वनाधिकारी से जांच के दौरान संबंधित क्षेत्र के वन रेंज अधिकारी को विकास कार्यों की सूची जांच कमेटी को उपलब्ध कराने और जांच के दौरान स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश देने को कहा है।
सीएम के सामने उठाया जाएगा मामला
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा ने कहा है कि वन विभाग ने निर्माण कार्यों में धांधली की है। बर्फबारी के दौरान 70 लाख रुपये से अधिक के कार्यों के टेंडर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगाए हैं। उन इलाकों में शीतकाल में जाना ही संभव नहीं होता। ऐसे में निर्माण कार्य होना संभव नहीं है। गत वर्ष भी इसी हिमालयी क्षेत्र में शीतकाल में करोड़ों रुपये के कार्य हुए हैं। वह वन विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर 9 फरवरी को हरिद्वार में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी। सरकारी धन का दुरुपयोग कतई नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर वन विभाग के कार्यों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी।
- हेमंत चंदोला अधिशासी अभियंता लोनिवि अस्कोट/अध्यक्ष जांच कमेटी