पिथौरागढ़ में अधिकारियों की बैठक लेते डीएम डा. रंजीत सिन्हा
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पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद धरातल पर क्रियान्वित न होने के मामले में हाइकोर्ट में पेशी के बाद जिलाधिकारी ने कूड़ा निस्तारण के संबंध में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। डीएम ने नदी, नालों, गधेरों में गंदगी और सीवरेज डालने वाले लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ ही जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए हैं। गंदगी फैलाने वालों को सीसीटीवी के माध्यम से चिन्हित करने को कहा है।
सोमवार को जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों, नगरपालिका, नगर पंचायत के अधिकारियों, सेना, आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए। कहा कि नगरीय क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा की जाने वाली गंदगी पर पर्यावरण प्रदूषण की धाराओं के तहत भी जुर्माना लगाया जाए। डीएम ने निकाय और ग्राम पंचायतों में कर निर्धारण कर बायलॉॅज में शामिल करने के निर्देश दिए। तय हुआ कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक फंड भी बनाया जाएगा। जिला स्तर पर डीएम, पालिका के अधिशासी अधिकारी और तहसील स्तर पर एसडीएम, अधिशासी अधिकारी के नाम का बैंक खाता खोला जाएगा। इस धन से प्रदूषण नियंत्रण के काम किए जाएंगे। पंचायतीराज विभाग को ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए स्थल चयन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
डीएम ने सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों को कूड़ा निस्तारण के लिए बेहतर प्रबंध करने और सीवर की गंदगी खुली नाली में न डालने के निर्देश दिए। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को कहा। डीएम ने कहा गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीवर के पानी को नदी, नालों में जाने से रोकने के निर्देश जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को दिए।