गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। राज्य सरकारें गंगोलीहाट क्षेत्र को गुफाओं की घाटी के रूप में विकसित करने में नाकाम रही हैं। विकासखंड में राईआगर से लेकर पनार तक 14 से अधिक गुफाएं हैं। इन गुफाओं तक सड़क पहुंचाने के साथ ही इन्हें एक-दूसरे से जोड़ा भी नहीं गया है। यहां गुफा सर्किट बने तो बेरोजगार युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिल सकता है।
क्षेत्र में फैली गुफाओं की लंबाई 200 से लेकर 800 मीटर तक है। इनके अंदर अनेक प्रकार की कलाकृतियां बनीं हैं जिन्हें हिंदू धर्म ग्रंथों से जोड़कर अनेक देवी-देवताओं के रूप में पूजा जाता है। गंगोलीहाट की गुफाओं का वर्णन स्कंदपुराण के मानसखंड में किया गया है। मानसखंड में शैल पर्वत में समय-समय पर गुफाओं के प्रकाश में आने की बात कही गई है।
पाताल भुवनेश्वर के अलावा अन्य गुफाओं में पर्यटन की गतिविधियां शून्य हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारों ने राज्य बनने के बाद इस ओर ध्यान दिया होता तो आज क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को घर में रोजगार मिला होता। पाताल भुवनेश्वर गुफा से इलाके के कई लोग रोजगार से जुड़े हैं, ऐसा ही गुफा सर्किट बनने के बाद अन्य गुफाओं में भी हो सकता है।
ये हैं गंगोलीहाट में गुफाएं
कोटेश्वर गुफा, पाताल भुवनेश्वर, भृगुतुंग पर्वत गुफा, महाकालेश्वर, मुक्तेश्वर, शैलेश्वर, गुप्त गंगा, लटेश्वर, दाणेश्वर, मैलचोर, अमर गुफा, भोलेश्वर, महेश्वर, नागेश्वर गुफा।
गुफा सर्किट में यह होगा
गुफा सर्किट के तहत गुफाओं तक सड़क पहुंचाई जाएगी। गुफाओं के भीतर लाइट आदि पहुंचाकर वहां का विकास भी किया जाएगा ताकि पर्यटक गुफा का दीदार कर सकें।
इन गुफाओं को गुफा सर्किट के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। गुफा सर्किट जुड़ने के बाद पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। -अरविंद गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी, पिथौरागढ़।