मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मित्र राष्ट्र नेपाल को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क पर बने सभी कॉजवे पूरी तरह टूट चुके हैं। लोनिवि ने सड़क के अधिकांश खराब हिस्सों में डामर तो कर दिया है, लेकिन सड़क के कॉजवे टूटने से वाहन चालक और यात्रियों को परेशानी हो रही है।
नेपाल के बैतड़ी जिले सहित पांच दर्जन गांवों को जोड़ने वाले झूलाघाट-पिथौरागढ़ सड़क के चौड़ीकरण के लिए किसी भी जनप्रतिनिधि ने प्रयास नहीं किए हैं। सामरिक महत्व के 35 किमी लंबे मार्ग पर मूनाकोट तक सड़क की चौड़ाई आठ मीटर है। मूनाकोट से आगे किल्ल, बड़ालू, गैना, बिषखोली, गौरीाहाट, जमीरपानी, खरक्यूड़ा, बनाड़ा और एसएसबी कैंप से लेकर झूलाघाट तक सड़क की चौड़ाई चार मीटर है। सड़क की मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी सड़क की स्थिति नहीं सुधरी है। बारिश के मौसम में इन कॉजवे का सीमेंट, रेत, रोड़ी बहने से सरिये दिखने लगते हैं। क्षेत्र के लोग कई बार घटिया गुणवत्ता की शिकायत जनप्रतिनिधियों से करते आए हैं। जनप्रतिनिधि सड़क की जांच के आदेश भी देते हैं परंतु जांच जनता के सामने नहीं आई है। इन दिनों इस सड़क पर एक दर्जन से अधिक कॉजवे गड्ढे में तब्दील हो चुके हैं। इससे आए दिन दुर्घटना की आशंका रहती है। लोनिवि की जेई रुचि जंगपांगी का कहना है कि कॉजवे के लिए अलग से फंड नहीं आता है। जल्द ही झूलाघाट सड़क के बचे हुए 10.50 किमी के हिस्से में डामरीकरण किया जाएगा। सभी कॉजवे गुणवत्तापूर्वक बनाए जाएंगे।