पिथौरागढ़। जिले में रविवार रात हुई भारी बारिश, तेज अंधड़, कुछ स्थानों पर ओले गिरने से व्यापक तबाही मची है। रात में कई बार तेज बिजली कड़की। इससे लोग दहशत में आ गए। जिला मुख्यालय में जाजरदेवल में कार सर्विस सेंटर पर बड़ा पत्थर आकर गिर गया। इससे एक कार को नुकसान पहुंचा है। यह पत्थर बाद में कार सर्विस सेंटर के भवन की छत पर जा गिरा।
इससे कुछ देर तक पिथौरागढ़-धारचूला हाइवे में वाहनों की आवाजाही बंद रही। देवलथल तहसील के अंतर्गत अलगड़ा ग्राम पंचायत के मड़गोली, तोली, विनायक गांव में कल रात दहशत का माहौल रहा। बारिश का पानी लोगों के घरों और खेतों में भर गया। मलबे से पैदल रास्ते टूट गए हैं। मड़गोली गांव के गिरधर सिंह, मनोहर सिंह, कुंवर सिंह, भगवान सिंह के खेतों में मलबा पट गया है।
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के कानड़ी गांव में रविवार रात हुई भारी बारिश से जमकर तबाही मची। कानड़ी गांव के पास स्थित एक नाले का रुख पलट गया। नाले के साथ बहा सारा मलबा जब खेतों और घरों में घुसने लगा तो लोग भयभीत हो गए। लोगों ने रात ही में नाले से आ रहे पानी को रोकने का प्रयास किया।
जिला मुख्यालय से आपदा प्रबंधन की टीम भी मौके पर पहुंची। गांव के लोगों ने बताया कि लगभग हर परिवार के खेत नष्ट हो गए हैं। उनमें इतना मलबा पट गया है कि फसल उगाने की स्थिति नहीं रह गई है। झूलाघाट-पिथौरागढ़ रोड में जामिरपानी के पास आया मलबा कल रात करीब 1 बजे हटा दिया गया। रोड में आज यातायात सामान्य रूप से जारी रहा। उधर, नेपाल के बैतड़ी जिले में भी बारिश से व्यापक तबाही मची है। जुलाघाट बाजार में हर दुकान में पानी घुसने से सामान खराब हो गया।
पिथौरागढ़। मौसम की असामान्य स्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने फिर से अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि डीएम एचसी सेमवाल के आदेश पर जिले की सभी तहसीलों में अलर्ट घोषित किया गया है। इस अवधि में लोगों से संवेदनशील स्थानों में सफर न करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि तहसील मुख्यालयों के कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।
अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट में राजकीय इंटर कॉलेज के पास स्थित बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। इससे जीआईसी की दस मीटर लंबी चहारदीवारी टूट गई। विद्यालय के भवन को भी नुकसान पहुंचा है। विद्यालय के लिपिक भुवन जोशी ने बताया कि दीवार टूटने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। क्षेत्र में अंधड़ के कारण जंगलों में कई पेड़ टूटकर गिर गए हैं।