कनाडा के पर्यटकों का 14 सदस्यीय दल शनिवार को दरकोट के देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा को सुनने पहुंचा। यह सभी लोग एक हफ्ते से सरमोली गांव स्थित समाज सेविका मल्लिका विर्दी के होम स्टे में रुके हैं। पर्यटकों का यह दल स्थानीय रीति-रिवाजों एवं पूजा पद्धति का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने लोगों को कूड़ा निस्तारण की जानकारी दी और किसी भी दशा में पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करने को कहा।
दरकोट गांव में लोगों के सहयोग से स्थानीय पत्थरों को तराशकर देवी का भव्य मंदिर बनाया गया है। प्रथम नवरात्र से इस मंदिर में भागवत कथा चल रही है। शनिवार सुबह कनाडा के पर्यटक मैथ्यू, मैकलिक, स्मिथ, रिमाथन, मार्क अपने साथियों समेत मंदिर में पहुंचे। उन्होंने यहां प्रचलित पूजा पद्धति का अध्ययन किया। स्थानीय रीति-रिवाजों का यह लोग गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। मैथ्यू ने बताया कि हिंदुस्तान के लोग धर्म में काफी आस्था रखते हैं, यदि इसी के साथ वह स्वच्छता पर भी ध्यान दें तो पर्यावरण की रक्षा होगी।
पर्यटकों ने कहा कि यदि कहीं पर धार्मिक आयोजन होता है तो उसमें एकता की मिसाल देखने को मिलती है। उन्होंने मंदिर के भव्य वास्तुकला की तारीफ की। स्थानीय लोगों और भागवत कथा के आयोजकों ने कनाडा के पर्यटकों का स्वागत किया। मैथ्यू ने बताया कि कनाडा के लोग पॉलिथीन का कतई प्रयोग नहीं करते। वहां के लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहद संजीदा हैं।