पिथौरागढ़। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में टीबी रोगियों की खोजबीन को लेकर 21 दिसंबर से अभियान चलेगा। यह अभियान जिले के छह विकासखंडों में चलाया जाएगा। इसके लिए जिला क्षय नियंत्रण केंद्र ने आगे की रणनीति भी बना ली है।
जिला क्षय नियंत्रण केंद्र 21 दिसंबर से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के धारचूला, मुनस्यारी, कनालीछीना, मूनाकोट, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट ब्लॉक में सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान चलाएगा। प्रथम चरण में एक ब्लॉक से पांच गांव चिह्नित किए जाएंगे। इसके बाद क्षेत्र की आशाओं के माध्यम से घर-घर जाकर सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक की खांसी और अन्य टीबी के लक्षण होने पर बलगम परीक्षण किया जाएगा। बलगम की मात्रा अधिक पाए जाने पर निशुल्क क्षय रोग का उपचार दिया जाएगा। इस अभियान में ब्लॉक के स्वास्थ्य कर्मी और आशाओं की टीम बनाई जाएगी, जो क्षय रोगियों की पहचान करने का कार्य करेंगे। इस अभियान के लिए ब्लॉक में कार्यरत कर्मियों को जिला क्षय रोग अधिकारी की ओर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है।
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क्षय रोग मुक्त भारत बनाने के लिए पिथौरागढ़ के छह ब्लॉकों में सक्रिय टीबी रोगियों को खोजने के लिए अभियान चलाया जाना है। ब्लॉकों में कार्यरत कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस अभियान के तहत जो भी टीबी रोगी पाए जाएंगे उनका निशुल्क उपचार किया जाएगा। - डा.कुंदन कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, पिथौरागढ़।