पिथौरागढ़। उत्तराखंड फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन ने अपनी 12 सूत्री लंबित मांगों पर शासनादेश जारी न होने के कारण दो नवंबर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का एलान किया है।
जिलाध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी ने बताया कि एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष और महामंत्री ने मुख्यमंत्री को आंदोलन का नोटिस प्रेषित किया है। संगठन की 12 सूत्री मांगों में ग्रेड पे वृद्धि, पदोन्नति, पुरानी पेंशन बहाली और सेवा नियमावली से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं। मिनिस्ट्रियल कर्मी लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। बीते 12 अक्तूबर को देहरादून में सचिवालय घेराव भी किया गया था। हालांकि, अब तक उनकी अपेक्षित मांगों पर कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है। लुंठी ने सभी मिनिस्ट्रियल कार्मिकों से प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।
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दो नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे मिनिस्टीरियल कर्मचारी
चंपावत। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने अपनी 12 सूत्री मांगें पूरी न होने पर दो नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से एक नवंबर तक मांगों का निस्तारण करने की मांग की है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि 12 अक्तूबर को देहरादून में एक महारैली आयोजित की गई थी। इस रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा गया था। मांगों के निस्तारण के लिए एक नवंबर तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि तक मांगें पूरी न होने पर दो नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। जिला महामंत्री जीवन चंद्र ओली ने बताया कि जिले की विभिन्न उपशाखाओं में कर्मचारी हड़ताल के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।