कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में आईटीबीपी की दो आपदा प्रबंधन टीम तैनात कर दी गई हैं। तैनाती से पहले टीम के सदस्यों को गहन प्रशिक्षण दिया गया। यात्रियों को खतरनाक रास्तों और कठिन रास्तों से पार कराने के तरीके बताए गए। यदि किसी यात्री को उच्च हिमालयी क्षेत्र में आक्सीजन की कमी से परेशानी हो तो उसे तत्काल हाइपो बैग के जरिए कृत्रिम आक्सीजन प्रदान की जाए।
आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने जवानों को ट्रेनिंग देते हुए कहा कि 13 जून को कैलास यात्रियों का पहला दल धारचूला से रवाना होगा। इस बार कुल 18 दल यात्रा पर जाएंगे। सेनानी ने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक गणेश सिंह के नेतृत्व में एक आपदा प्रबंधन टीम लमारी में और सहायक उपनिरीक्षक जगदंबा प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गाला में तैनात कर दी गई है। गाला से लमारी के बीच रास्ता खतरनाक है। जबकि बूंदी से छियालेक के बीच रास्ता कठिन है। वहां भी एक टीम जल्दी तैनात की जाएगी। गुंजी से लिपुलेख तक यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी के पास रहेगा। सेनानी ने बताया कि यात्रियों को खतरनाक रास्तों से पार कराना, खतरनाक नालों से सुरक्षित निकालना प्राथमिकता में रहेगा। आपदा प्रबंधन टीम को सहायक सेनानी विपिन पंत ने भी तमाम जानकारियां दी।