गंगोलीहाट के कोठेरा गांव में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा। संवाद
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कोठेरा गांव में तेंदुए के हमले में दो साल तीन माह के मासूम की मौत की घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने की अपील की है। वहीं मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मासूम की मौत के बाद परिजन बेसुध पड़े हैं।
कोठेरा गांव में सोमवार को घर के आंगन से तेंदुआ दो वर्ष तीन माह के मासूम अंशु को उठाकर ले गया था। अंशु अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रहा था। उसके पिता सुरेश हरिद्वार में प्राइवेट नौकरी करते हैं। बच्चे के मामा पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश प्रसाद ने वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने और परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इधर वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है। साथ ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। वन विभाग की टीम के लगातार गश्त करने के बाद भी मंगलवार को इसी गांव से बसंत बल्लभ कोठारी के आंगन से तेंदुआ बकरी को उठाकर ले गया। काफी ढूंढ खोज के बाद भी बकरी का पता नहीं चल सका है। इससे लोगों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। वन विभाग की दो टीम अलग-अलग स्थानों पर गश्त कर रही हैं। जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाता वन विभाग की टीम क्षेत्र में सक्रिय रहेगी। - मनोज सनवाल, रेंजर वन विभाग गंगोलीहाट।