धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग तक शनिवार को हेलीकाप्टर ने एक एक उड़ान भरी। हेलीकाप्टर सेवा का लाभ माइग्रेशन गांवों को लौट रहे बुजुर्गों को मिल रहा है। धारचूला से गुंजी और गर्ब्यांग जाने पर एक तरफ का किराया 2500 रुपए है। आज धारचूला से 74 वर्षीय दल लाल गर्ब्याल हेलीकाप्टर से गर्ब्यांग गांव को गए। उन्होंने कहा कि धारचूला से पैदल गर्ब्यांग जाने में दो दिन का समय लगता है। साथ खराब रास्ते से जाने में थकान भी बहुत हो जाती है लेकिन हेलीकाप्टर से यह सफर मात्र 20 मिनट में पूरा हो गया।
भारत तिब्बत व्यापार समिति के सचिव जीवन रौंकली, दीवान सिंह गर्ब्याल, दौलत रायपा का कहना है कि इस बार हेलीकाप्टर सेवा का लाभ तिब्बत व्यापार में हिस्सा लेने वाले व्यापारियों को मिलेगा। जो बुजुर्ग व्यापारी इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं उनको काफी सुविधा हो जाएगी। उपजिलाधिकारी एके पांडे ने कहा कि हेलीकाप्टर सेवा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बीमार और बुजुर्गों को हेलीकाप्टर सेवा में प्राथमिकता दी जा रही है।