सीमा सड़क संगठन की अनदेखी से कनालीछीना के व्यापारी और स्थानीय लोग परेशान हैं। पहले लोग मलबा, पत्थरों के गिरने से परेशान थे, अब धूल से परेशान हैं। व्यापारी मास्क पहनकर दुकान पर बैठ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों ने सड़क में जल्द डामरीकरण करने की मांग की है अन्यथा व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
व्यापार संघ उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश जोशी, दीपक भंडारी, बबलू पंत, मन्नू भंडारी, नरेंद्र मेहता, आन सिंह, देवेंद्र दिगारी, खुशाल दिगारी, चमन राम, कुंवर भंडारी, बसंत वर्मा, सुरेंद्र भंडारी, कैलाश कापड़ी का कहना है कि बीआरओ ने कनालीछीना सड़क में पहले चौड़ीकरण के नाम से सड़क का अधिक भाग पर काट दिया। जिससे सड़क में लगातार मलबा और पत्थरों के गिरने से परेशानी बढ़ी थी। अब सड़क में डामरीकरण न होने से स्टेशन के समीप दो दर्जन से अधिक दुकानदारों धूल से परेशान हैं। इन व्यापारियों का लाखों का सामान धूल से खराब हो गया है। इस स्थान पर कई मिठाई की दुकानें और खाने के रेस्टोरेंट भी हैं। खाद्य पदार्थों में धूल बैठने से खाद्य पदार्थ खराब हो रहा है।
दुकानदार मास्क लगाकर व्यापार कर रहे हैं। दुकानों में सामान को धूल से बचाने के लिए पॉलीथिन लगाए हुए हैं। धूल से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कनालीछीना अस्पताल में तैनात चिकित्सक डा. अंजनी कुमार का कहना है कि धूल का लोगों के स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ सकता है। लोगों को धूल से बचने के प्रयास करने चाहिए। कहा कि इन दिनों आंखों, गले में जलन की शिकायतों में वृद्धि हुई है। उधर, बीआरओ के अवर अभियंता पीएस सिंघल का कहना है कि डामरीकरण कार्य करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, धनराशि अवमुक्त होते ही डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।