केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों, कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को कई बैंक बंद रहे। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। हड़ताल से जिले में बैंकों की 50 लाख रुपये का क्लीयरेंस नहीं हो सका। करीब तीन करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ।
नैनीताल बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, ऑरियंटल बैंक आफ कामर्स, यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, केनरा बैंक के लिपिक वर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इन लोगों ने बैंक की शाखाओं को बंद करा दिया। बीमा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और धरना दिया। मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपये करने, महंगाई रोकने, नए रोजगार सृजित करने की मांग की गई। धरने पर बीबी मल्ल, मोहन राम, राजीव जोशी, देवकी नंदन भट्ट, जीएस बसेड़ा ने विचार रखे।
ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के आह्वान एवं उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में रोडवेज कर्मी हड़ताल पर रहे। कार्यशाला के गेट पर धरना देने के साथ ही प्रदर्शन भी किया। परिषद के अध्यक्ष जगदीश बोरा, सुंदर लाल, अनिल चंद्र जोशी, मोहन भंडारी, राजेंद्र सिंह भाकुनी मौजूद थे। आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन की जिलाध्यक्ष दीपा पांडे के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। दवा प्रतिनिधि संघ के जिलाध्यक्ष भुवन पांडे के नेतृत्व में दवा प्रतिनिधियों ने न्यूनतम वेतनमान में संशोधन समेत तमाम मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान संरक्षक डीडी अवस्थी, सीसी अवस्थी, गंभीर भंडारी, भरत कुमार, कमल बम आदि थे।
डीडीहाट। दूरसंचार विभाग के संविदा कर्मियों ने नारेबाजी कर धरना दिया। धरने में नारायण पंचपाल, नवीन कुमार, गोपाल कुमार ईश्वर कोरंगा आदि बैठे।
गंगोलीहाट। पोस्टआफिस के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में भगवान सिंह, अमित वर्मा, योगेंद्र वर्मा, मदन मोहन, पान सिंह, बहादुर सुगड़ा शामिल थे।
लोनिवि कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
लोक निर्माण विभाग में निसंवर्गीय पदों को संवर्गीय किए जाने की मांग को लेकर कर्मी कार्य बहिष्कार पर रहे। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर लोनिवि कार्यालय पिथौरागढ़ में धरने पर बैठे रहे। कर्मियों ने लोनिवि में पदों को संवर्गीय किए जाने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रेड वेतन 5400 के पदों पर 6 फीसदी के आधार पर पदोन्नति किए जाने, आचार संहिता से पूर्व सभी सामान्य पदोन्नतियां किए जाने की मांग को लेकर सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। धरने पर यूडी देवलाल, एसएस चिलवाल, केएस बंगारी, मनमोहन सिंह पंवार, दीपक सिंह रफाल, राजमोहन आदि थे।