बस्तड़ी में मकान का निर्माण करता आपदा पीड़ित परिवार
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बस्तड़ी गांव के आपदा प्रभावितों ने सरकारी मदद मिलने के बाद अब सिंगाली के ऊपरी भाग में अपनी नाप जमीनों पर मकान बनाने शुरू कर दिए हैं। इन मकानों के लिए पहली किश्त के रूप में डेढ़ लाख दिए जा रहे हैं और मकान पूरा होने के बाद डेढ़ लाख की धनराशि दी जाएगी। बस्तड़ी के 24 प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने यह धनराशि स्वीकृत की है।
30 जून की रात आई भीषण आपदा से बस्तड़ी गांव के 21 लोगों की मौत हो गई थी और पूरा बस्तड़ी गांव रहने लायक नहीं रह गया था। भूगर्भ वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में भी इस गांव को रहने लायक नहीं बताया था। आपदा के दिन से ही गांव छोड़कर सिंगाली में रह रहे लोगों ने आपदा प्रभावित गांव छोड़ दिया था और किराए के मकानों में सिंगाली और डीडीहाट में रहने लगे थे। उत्तराखंड शासन ने ऐसे 24 परिवारों को बस्तड़ी के आसपास ही अपनी नाप जमीन पर मकान निर्माण करने के लिए तीन-तीन लाख रुपए की धनराशि दो किश्तों में स्वीकृत कर दी।
संयुक्त मजिस्ट्रेट मनुज गोयल ने बताया कि जो प्रभावित अपने मकानों का निर्माण शुरू कर रहे हैं, उन्हें डेढ़ लाख की पहली किश्त दी जा रही है। अब तक आठ परिवारों ने सिंगाली के पास मकान बनाने शुरू कर दिए हैं। अन्य लोग भी जल्द ही मकान बनाने की तैयारी में हैं। बस्तड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त भट्ट ने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए यह राशि बस्तड़ी को पुन: बसाने में मददगार साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस राशि को और बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि मकानों का निर्माण सही ढंग से हो सके।