सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान में ऊर्जा संरक्षण पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रभारी जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता लाया जाना जरूरी है।
उरेडा की भूमिका इसमें अहम हो सकती है। सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि संस्थान के हर विद्यार्थी को ऊर्जा के संरक्षण के बारे में बताया जा रहा है।
कहा गया कि आज ऊर्जा की जरूरतें बढ़ रही हैं। हर चीज बिजली से ही संचालित हो रही है। ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है।
वक्ताओं ने कहा कि सबसे पहले लोगों को ऊर्जा की बचत करने और बाद में ऊर्जा के नए स्रोतों को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर चिकित्सा विभाग, जल निगम, सूचना विज्ञान, खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। छात्रों ने भी कार्यशाला में प्राप्त जानकारियों को अमल में लाने का वचन दिया।