मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के धापा गांव में पहाड़ से बोल्डर और मलबा आने से लोग दहशत में हैं। गांव में 24 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। इनमें से चार परिवार कुछ दिन पहले से टेंटों में रहने लगे थे। शेष 20 परिवारों को रविवार को सहकारी समिति के भवन में शिफ्ट किया गया है।
क्षेत्र में रविवार तड़के तीन बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। सुबह करीब नौ बजे पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर मकानों के पास आ गिरा। गनीमत यह रही कि बोल्डर मकानों पर नहीं गिरा। बोल्डर गिरने से गांव के लोग दहशत में आ गए। गांव के लोगों ने घरों से सामान निकालना शुरू कर दिया। एसडीएम बीएस फोनिया के निर्देश पर एसडीआरएफ, राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। लोगों को सहकारी समिति के भवन में ठहराया गया है। आपदा प्रभावितों ने सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। प्रशासन के अनुसार प्रभावितों के भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है।
इनके परिवारों को किया गया शिफ्ट
धापा के प्रभावित परिवारों में किशन पाल, राम सिंह, सुरेश दानू, बाला सिंह, पान सिंह, केशर सिंह, पार्वती देवी, बाला सिंह, मंगल सिंह, हयात सिंह, चंद्र सिंह, हयात सिंह, देवेंद्र सिंह, खुशाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, पार्वती देवी, हयात सिंह, जगदीश सिंह, कुंदन सिंह, प्रेमा देवी, उत्तम सिंह, देवकी देवी, जमुना दत्त के परिवार शामिल हैं।
लगातार हो रही बारिश से गोरी नदी उफान पर
पिथौरागढ़। रविवार सुबह तीन बजे से सीमांत क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गोरी नदी उफान पर है। मदकोट, भदेली से लेकर जौलजीबी तक गोरी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। महाकाली नदी के जलस्तर में भी रविवार को बढ़ोत्तरी देखी गई। नदियों का जलस्तर बढ़ने से आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। भदेली, मदकोट समेत कई इलाकों में नदी से भूकटाव हो रहा है। लगातार हो रही बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मदकोट बाजार में सुरक्षा दीवार गिरी
मदकोट। मदकोट बाजार में गनघरिया के नीचे गोरी नदी में सीमा सड़क संगठन द्वारा लगाई गई सुरक्षा दीवार शनिवार की रात को ध्वस्त हो गई। इस स्थान पर वर्ष 2013 के जलप्रलय में जबरदस्त नुकसान हुआ था। कई मकान गोरी नदी में समा गए थे। दीवार गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दीवार गिरने से एक बार फिर मदकोट बाजार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
गानुरा में आवासीय मकान की दीवार ध्वस्त, भैंसमरा
गंगोलीहाट। गानुरा गांव में रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे कांति देवी पत्नी मनोहर सिंह के मकान की दीवार बारिश के दौरान ध्वस्त हो गई। मलबे की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। पशु चिकित्सक डॉ. नवीन आर्य ने मृत भैंस के शव का पोस्टमार्टम किया। राजस्व निरीक्षक बृजमोहन बिष्ट ने मौके का मुआयना कर क्षति का आंकलन किया।
आज बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र
पिथौरागढ़/चंपावत। पिथौरागढ़ के डीएम डॉ. वीके जोगदंडे ने रविवार से 24 घंटे में तेज बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। इधर, चंपावत के डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते सोमवार को इंटर तक सभी निजी, सरकारी शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। डीएम ने शिक्षकों, कर्मचारियों को स्कूलों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
तीन घंटे बंद रहा कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग
पिथौरागढ़/धारचूला/मुनस्यारी। रविवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन घंटे तक बंद रहा। मुनस्यारी से जौलजीबी जाने वाली सड़क के साथ ही नौ मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। इन सड़कों में यातायात सुचारु नहीं हुआ है। सड़कें बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैलाश मानसरोवर सड़क तीनतोला में रविवार सुबह करीब आठ बजे मलबा आने से बंद हो गई थी। बीआरओ को सड़क खोलने में तीन घंटे का समय लगा। सुबह 11 बजे सड़क में आवाजाही शुरू हुई। मुनस्यारी-मदकोट-जौलजीबी मार्ग पर सुरिंग और धापा बैंड में भूस्खलन से बंद हो गई। मदकोट से बोना, मुनस्यारी के दराती से तल्लादुम्मर जाने वाली सड़क भी मलबा आने से बंद है। गंगोलीहाट के धराड़ीसे चौरपाल जाने वाली सड़क में मलबा गिरने से यातायात बाधित हो गया है। बेड़ीनाग के दाड़िमखेत-कोटमन्या सड़क मलबा आने से बंद है। रविवार को धारचूला की पौड़ी-घटकुना, सोसा-सिर्खा, छिरकिला-जम्कू, गलाती-रमतोली में भी यातायात संचालन ठप रहा। धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार खुमती से हुनरी जाने वाला पैदल रास्ता शनिवार रात हुई अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से हुनरी, पातल तोक के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चौथे दिन भी नहीं उड़ा हेलीकॉप्टर, नजंग में जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही
धारचूला। मौसम खराब होने के कारण 15 अगस्त से उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित नहीं हो पा रही है। हेली सेवा संचालित न होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। गुंजी के व्यास मेले से लौट रहे लोगों को नजंग और मालपा में जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। लोग रस्सियों के सहारे से खतरनाक चट्टान को पार कर रहे हैं। इसमें हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। व्यास मेले से लौटे माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल और रं कल्याण संस्था धारचूला इकाई के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने बताया कि नजंग, मालपा, लामारी और बूंदी के बीच पैदल मार्ग काफी जोखिम पूर्ण बना हुआ है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हो गए हैं।