डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जौरासी से लखतीगांव जा रही बोलेरो 200 मीटर खाई में गिर गई। दुर्घटना में वाहन सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना का कारण सड़क का खराब होना बताया जा रहा है। एसडीएम अनुराग आर्या ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
लखतीगांव वाहन चालक मनोज कुमार (35) पुत्र अर्जुन राम शुक्रवार रात जौरासी से लखतीगांव निवासी तीन यात्रियों को बोलेरो (यूके 05डीए-1503) पर लेकर जा रहा था। इस दौरान लखतीगांव से दो किमी पहले रात करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच बोलेरो वाहन 200 मीटर खाई में जा गिरा। दुर्घटना होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों को खाई से निकाला और एंबुलेंस बुलाकर सीएचसी डीडीहाट पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस-प्रशासन को घटना की सूचना दी।
डॉ. फुरकान मिकरानी ने बताया कि वाहन सवार हयात राम उर्फ मनोज पुत्र जोगा राम (35) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी जबकि वाहन सवार गोकुल राम (45) पुत्र राम लाल, हयात राम (45) पुत्र शिव राम और वाहन चालक मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। डीडीहाट में प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को पिथौरागढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हयात राम की मौत से शोक
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। हयात राम उर्फ मनोज की असमय मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति के घर पहुंचने की आस में बैठी ललिता देवी मौत की खबर सुनने के बाद बदहवास है। हयात रात निजी कार्य कर बच्चों का भरण पोषण करता थे। उसके घर में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है। संवाद
बदहाल सड़कें ले रही हैं जान
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट क्षेत्र की कई सड़कें बदहाल हैं। पिछले एक साल में छह से अधिक लोग दुर्घटना को शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। साथ ही कई लोग घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद सड़कों को ठीक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
इसी वर्ष अप्रैल और मई में थल-डीडीहाट सड़क पर दो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए जिसमें पांच लोगों की मौत हुई। इसके अलावा शुक्रवार रात बोलेरो वाहन सड़क के बदहाल होने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दोनों सड़कें लोनिवि डीडीहाट के अधीन आती हैं। डीडीहाट से लखतीगांव जाने वाली सड़क बदहाल है जिसमें कई बार दोपहिया और चौपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। हल्की सी बारिश में यह सड़क जानलेवा बन जाती है। शासन-प्रशासन सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के दावे तो करता है बावजूद इसके ग्रामीण सड़कें बदहाल हैं।