जौलजीबी में पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग।
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नवंबर में जौलजीबी मेले के दौरान व्यापारी को पीटने के आरोप में पुलिस के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर रविवार को बाजार बंद रहा। व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झूलापुल को बंद कराने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों की यह कोशिश एसएसबी ने सफल नहीं होने दी।
रविवार सुबह पहले यहां व्यापारियों और स्थानीय लोगाें की सभा हुई। इसके बाद ये लोग पुलिस, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झूलापुल पहुंचे। इन लोगों ने झूलापुल पर आवागमन बंद करने का प्रयास किया। झूला पुल पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 55वीं बटालियन एसएसबी के कंपनी इंचार्ज इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह और करीब 25 जवानों ने लोगों को रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुल के पास धरना दिया।
सभा में जौलजीबी व्यापार मंडल की संरक्षक शकुंतला दताल और अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू ने कहा कि व्यापारी के साथ मारपीट के मामले में रिपोर्ट देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। मौके में पहुंचे तहसीलदार विपिन चंद्र मुदगली, पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार आचार्य आदि ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि जांच की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेज दी गई है। तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया। तहसीलदार के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। धरना, प्रदर्शन में बीडीसी मेंबर जानकी बुर्फाल, राजू बुर्फाल, भूपाल चंद, गजेंद्र पतियाल, उमेश चंद, डीएन जोशी, जाहिद हुसैन, प्रेमा दताल, दीपा बिष्ट, अफरोज जहां, जहांआरा बेगम समेत भारी संख्या में लोग शामिल थे।
लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार आचार्य सुबह सात बजे ही दल बल के साथ धारचूला से जौलजीबी पहुंच गए थे। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पीएसी और पुलिस के 20-20 जवान लगातार मौके पर बने रहे।