जिले में मंगलवार रात अंधड़ और बारिश से भारी नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ तहसील में दो मकान अंधड़ से टूट गए। धारचूला तहसील केे दूतीबगड़ क्षेत्र में अंधड़ ने जबर्दस्त तबाही मचाई। वहां एक दर्जन घरों की छत उड़ गई और जंगलों में सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित गांवों को रवाना हो गई है।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बडारी गांव में पुष्कर दत्त का और धूरा चंडाक में अर्जुन सिंह का मकान अंधड़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। जिला मुख्यालय में देर रात तक इतनी तेज बारिश थी कि नालियां उफान पर आ गई। सड़कों पर मलबा पट गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी मौसम का रुख इसी तरह बना रहने का संकेत दिया है।
धारचूला तहसील के दूतीबगड़, गर्जिया, जमतड़ी, जोग्यूड़ा में गिरीश अवस्थी, दौलत पाल, विक्रम पाल, भवानी चंद के मकानों को भारी नुकसान हुआ है। इन गांवों में लगभग सभी मकान प्रभावित हुए हैं। आम, केला, लीची के पेड़ टूटकर गिर गए। जंगलों में चीड़ और तुन के पेड़ कई जगह जड़ से उखड़ गए हैं। लोगों ने पूरी रात भारी दहशत में बिताई। बुधवार सुबह राजस्व उपनिरीक्षक घनश्याम पैंतोला और सुरेंद्र सिंह धामी प्रभावित गांवों के दौरे पर निकले हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र क्षति का आकलन किया जाए और लोगों को मुआवजा दिया जाए। दूतीबगड़ और गर्जिया में बिजली के दो पोल टूटकर गिर गए हैं। इस कारण पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप है।
मल्लाजोहार जाने वाला रास्ता टूटा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मंगलवार रात हुई बारिश से मल्लाजोहार जाने वाला रास्ता मलछू के पास टूट गया है। अब माइग्रेशन पर लौट रहे लोगों के सामने मुसीबत आने लगी है। लोनिवि ने अब तक रास्ते की मरम्मत के लिए मजदूर नहीं भेजे हैं। लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने बताया कि कल तक मजदूरों को रास्ते की मरम्मत के लिए भेजा जाएगा। दूसरी तरफ तल्लाजोहार में होकरा-जेर्थी सड़क मलबा आने से बंद हो गई है। दोनों तरफ वाहन फंसे हैं। लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-13 एमएम
बेड़ीनाग- 6 एमएम
मुनस्यारी- 1 एमएम
गंगोलीहाट- 8 एमएम
डीडीहाट- 10 एमएम
धारचूला- 11 एमएम
मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात जारी
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। यहां की चोटियों पर हिमपात जारी है। पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा की चोटियों पर लगातार हो रहे हिमपात से निचले इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है। मुनस्यारी में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश और चोटियों पर हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मुनस्यारी में अब तक गर्मी का असर शुरू नहीं हो पाया है। घाटी वाले इलाकों में रोज हो रही बारिश से लोगों को खासी राहत मिली है।