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बर्ड वाचरों को दिखा राज्य पक्षी मोनाल

Wed, 01 Mar 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
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मुनस्यारी के बेटुलीधार में दिखा नर मोनाल - फोटो : अमर उजाला
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बर्ड वाचरों के लिए बुधवार का दिन बेहद उत्साह भरा रहा। उनको बेटुलीधार के पास राज्य पक्षी मोनाल का नर और मादा जोड़ा दिखा। नर मोनाल बेहद रंगीन और खूबसूरत होता है, जबकि मादा में उतनी सुंदरता नहीं होती। बुग्यालों में हल्की उड़ान भरने वाला मोनाल अक्सर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहता है, लेकिन शीतकाल में वह भी अन्य पक्षियों की तरह ही निचले इलाकों में आ जाता है। मोनाल पक्षी के बारे में यह भी कहा जाता है कि वह 2500 मीटर से ज्यादा निचले इलाकों में नहीं उतरता। मोनाल जब खतरा महसूस होता है तभी उड़ान भरता है। अन्यथा वह पहाड़ों पर रेंगकर चढ़ता है।
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मोनाल संस्था की ओर से चलाए जा रहे बर्ड वाचिंग कैंप में बुधवार को बेटुलीधार के आसपास के बुग्यालों में पक्षियों की खोज की गई। बुधवार को कुछ स्थानीय पक्षी ही ज्यादा दिखे। यह पक्षी अक्सर मुनस्यारी के आसपास नजर आते रहते हैं। इनमें ब्लू व्हिसलिंग थ्रश, स्केली ब्रेस्टेड मुनिया, ब्लू विंग्ड शिवा आदि शामिल हैं। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि बुधवार को भी 20 लोगों ने बर्ड वाचिंग कैंप में हिस्सा लिया। पक्षियों के स्वभाव, उनके भोजन के तरीके, उनकी उड़ान का स्तर आदि की जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि इस समय बुग्यालों में कई प्रकार के फूल खिलने लग जाते हैं। कुछ पक्षी सिर्फ फूलों का मकरंद लेते हैं, जबकि कुछ पक्षी कीटों का शिकार कर खाते हैं। पंवार ने कहा कि जिन इलाकों में ज्यादा पक्षी मिलते हैं, वहां पर वनस्पति बहुत होती है। पक्षी अच्छे पर्यावरण का संकेत भी देते हैं।

अगले चरण में गोरीपार के जंगलों में बर्ड वाचिंग होगी। गोरी के किनारे भी कई प्रकार के पक्षी रहते हैं। कुछ पक्षी नदी से जलजीवों का शिकार भी करते हैं। बर्ड वाचिंग कैंप के दौरान भूपेंद्र खड़ायत, दान सिंह बगरी, राजेंद्र बिष्ट आदि ने पक्षियों के बारे में जानकारी दी। 
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नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी है मोनाल
मोनाल नेपाल की पहाड़ियों पर भी काफी संख्या में मिलता है। इसे नेपाल के राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा मिला है। वहां पर इसे डफिया के नाम से जानते हैं। हिमालयी क्षेत्रों में इस पक्षी के खतरे भी लगातार बढ़ रहे हैं। शिकारियों के निशाने पर हमेशा मोनाल ही रहता है। क्योंकि इसका आकार अन्य हिमालयी पक्षियों की तुलना में बड़ा होता है।
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