गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बिलाड पट्टी के कई गांव के लोगों को दो से तीन किमी दूर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इन गांवों में किसी भी विभाग की योजनाएं नहीं है। जो योजना बनीं भी हैं वह पंचायतों के अधीन है जिनके रखरखाव के लिए बजट नहीं मिलता।
गर्मियां शुरू होते पहाड़ पर पानी का संकट गहराने लगता है। बिलाड पट्टी के दुगईआगर, टंटा चोड़ा, इटाना, सन्यूडा, ज्वाल, डोवाल खेत, टीटोली ग्राम पंचायतों में अभी से पेयजल संकट होने लगा है। ग्रामीण युवा दीपक कोहली ने बताया कि वैसे तो यहां साल भर पानी की कमी बनी रहती है लेकिन गर्मियों में स्रोत सूखने से इलाके में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गांव के 3000 ग्रामीण दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरयू नदी पर आठ करोड़ की लागत से बन रही ग्वासीकोट पंपिंग योजना से इन ग्राम पंचायतों को चयनित नहीं किया गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से वंचित गांव को ग्वासीकोट पंपिंग योजना से जोड़ने की मांग की है।