पिथौरागढ़। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश ने 20 साल के कठोर कारावास और 11 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दुष्कर्म पीड़िता की पिछले साल बीमारी से मौत हो चुकी है।
मामले के अनुसार डीडीहाट विकासखंड के ओगला क्षेत्र में 26-27 दिसंबर 2019 को स्कूल से लौट रही 13 वर्षीय किशोरी के साथ दिनेश सिंह (41) ने जंगल में दुष्कर्म किया। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता अपने नानी के घर रहती थी। घटना के दूसरे दिन उसने अपनी नानी को आपबीती बताई। 29 दिसंबर को इस मामले में पीड़िता की नानी ने अस्कोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने दिनेश सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (3), 506 में रिपोर्ट दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद यह मामला अदालत में चला। मामले में 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने दोष सिद्ध करते हुए दिनेश सिंह जिमवाल को आईपीसी की धारा 376 (3) में 20 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त को धारा 506 के तहत एक साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को एक माह का साधारण कारावास भोगना होगा। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
दुष्कर्म पीड़िता की पिछले साल हो चुकी है मौत
पिथौरागढ़। दुष्कर्म पीड़िता के पिता का निधन होने के कारण वह अपने नानी के घर रहकर पढ़ाई करती थी। दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता पिथौरागढ़ में एक संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही थी। टाइफाइड होने पर उसे पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर यहां से उसे हल्द्वानी रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान पिछले वर्ष उसकी मौत हो गई। संवाद