माउंटेन ट्रेल बाइकिंग में अब रोमांच भरे क्षण सामने आ रहे हैं। विदेशी प्रशिक्षकों ने अपनी क्षमता और प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि लोग हैरत में आ गए। 90 अंश के ढलान में जब विदेशी प्रशिक्षक ने अपनी साइकिल चलाई तो देखने वाले दंग रह गए। विदेशी प्रशिक्षकों के इस बेहद सधे हुए संतुलन की लोग दाद दे रहे हैं। आज विदेशी प्रशिक्षकों ने लोगों को रोमांचित करने वाला कारनामा कर दिखाया। खलियाटाप से बेटुलीधार तक चार किलोमीटर के इस ट्रैक में विदेशी प्रशिक्षकों का दल एक ऐसी चट्टान के ऊपर जाकर खड़ा हो गया जहां पर नीचे कम से कम 1000 मीटर की गहरी खाई है। माउंटेन ट्रेल बाइकिंग की यही खासियत भी है कि साइकिल को ऐसे स्थानों पर पहुंचाना है जहां पर पैदल चलना भी संभव नहीं है।
अपनी दस गियर वाली साइकिल को लेकर जब विदेशी प्रशिक्षक 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित खलियाटाप पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह खलियाटाप के पास एक चट्टान पर खड़े हो गए। खलियाटाप से बेटुलीधार की तरफ उतरते समय रॉन सोरेल ने अपनी साइकिल को 90 अंश के सीधे ढलान में उतार दिया। विदेशी प्रशिक्षक सेम वर्गीज, एंडे लियोर्ड, पावेल हारिक, हार्वेल डूलेट, रिचर्ड टेलर, माइकल मारिया जोसेफ भी इस फन के कम माहिर नहीं हैं। वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी के प्रयासों से पहली बार हो रही माउंटेन ट्रेल बाइकिंग का लोग खूब आनंद उठा रहे हैं। वन विकास निगम के मंडलीय प्रबंधक एमपीएस रावत ने बताया कि मुनस्यारी के साहसिक पर्यटन में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।