दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित होते जगत सिंह दशौनी। स्रोत: स्वयं
नाचनी (पिथौरागढ़)। तल्ला भैंसकोट निवासी जगत सिंह दसौनी को लोकनायक जयप्रकाश नारायण आपदा फरिश्ता राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
जीवन जागृति सोसायटी की ओर से संविधान सभाकक्ष संसद मार्ग दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान दिया गया।
सोसायटी के अध्यक्ष डाॅ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि यह सम्मान संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए दिया जाता है। 17 मार्च 2007 को रोडवेज बस 20 यात्रियों को लेकर मुनस्यारी से पिथौरागढ़ जा रही थी। डोर बैंड के पास चालक गोपाल सिंह को मिर्गी के दौरे आ गए थे। बस में सवार जगत दसौनी से खतरा भांपते हुए बस का स्टेयरिंग काट कर उसे पहाड़ी से टकरा दिया। इससे बस 300 मीटर गहरी खाई में गिरने से बच गई। सम्मान के लिए देशभर के कुल 61 लोगों का चयन किया गया था। उत्तराखंड से एक मात्र जगत दसौनी को इस सम्मान के लिए चयनित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय लखनऊ शिव कृति सिंह, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य केएम सिंह, ब्रिगेडियर एस प्रसाद सिंह, मेजर राकेश शर्मा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। दसौनी को सम्मान मिलने पर रेडक्रास के प्रदेश अध्यक्ष कुंदन सिंह टोलिया, हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, मेजर राजवीर दानू, ज्येष्ठ प्रमुख नीमा देवी, जिपं सदस्य पुष्पा देवी, रमेश बृथवाल, दीपक चुफाल, प्रधान मीना देवी समेत कई लोगों ने खुशी जताई है।
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दसौनी को पूर्व में भी मिले हैं पुरस्कार
नाचनी। गंगोलीहाट की हिमालयन ग्राम विकास समिति में कार्यरत जगत सिंह दसौनी को सराहनीय कार्य के लिए गाॅडफे फिलिप्स बहादुरी अवार्ड के अलावा कई अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। संवाद