पिथौरागढ़ के किसान मेले में स्टाल का निरीक्ष्ाण्ा करते उनियाल
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प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार ई-मार्केटिंग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य की सभी 670 न्याय पंचायतों में कल्याण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत व्यापारी सीधे किसानों से संपर्क कर रहे हैं। किसानों को खरीदार कंपनियों से भी जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को अपने गांव में ही उत्पाद बेचने की सुविधा मिलेगी। बिचौलिए संस्कृति खत्म होगी और किसानों की आय में इजाफा होगा।
शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित दो दिनी किसान मेले के अंतिम दिन प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत महज दो फीसदी ब्याज पर किसानों को ऋण दिए जा रहे हैं। फसल बीमा योजना लागू की है। कौशल विकास कार्यक्रम के जरिये हुनर को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इससे कई रोजगार पैदा होंगे। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती को बढ़ाने और सामूहिक खेती की अपील की। साथ ही चकबंदी योजना को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को सगंध फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, मौनपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन को अपनाने को कहा।
इस अवसर पर एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना में उल्लेखनीय कार्य पर उत्पादक समूहों और किसानों को सम्मानित किया गया। प्रभारी मंत्री ने मेले में लगे स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम सी रविशंकर, एसपी अजय जोशी, सीडीओ वंदना सिंह, एडीएम मोहम्मद नासिर, सीओ शेखर सुयाल, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी मीनाक्षी जोशी, परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट आदि थे। संचालन उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज जोशी ने किया।
हर माह गांव में होगी चौपाल
प्रभारी मंत्री ने डीएम को किसानों की समस्या के समाधान के लिए हर गांव में प्रत्येक माह चौपाल लगाने के निर्देश दिए। इस चौपाल में विशेषज्ञों के साथ ही विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। चौपाल में किसानों की समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर ही निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। चौपाल में उन्हें नई तकनीकों के साथ ही उन्नत बीजों, उर्वरकों, कृषि यंत्रों की जानकारी दी जाएगी। मौके पर ही कृषि योजनाओं का अनुदान दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को नियमित तौर पर गांवों में जाकर किसानों से संवाद करने और समस्याओं के हाथोंहाथ समाधान को कहा है।