नगर के जवाहर चौक और डिग्री कॉलेज कालोनी में पेयजल संकट से त्रस्त लोगों ने बृहस्पतिवार को जल संस्थान कार्यालय में ताले ठोक दिए। लोगों का कहना है कि यदि एक दिन छोड़कर भी पानी मिल जाए तो उन्हें राहत मिल जाएगी। जल संस्थान के अधिकारी एक दिन छोड़कर भी पानी दे पाने की स्थिति में नहीं हैं, जबकि पूरे इलाके में अब पर्याप्त बारिश हो चुकी है। प्राकृतिक स्रोतों का स्तर बढ़ गया है।
जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह का कहना है कि गोरघटिया पंपिंग योजना से बिजली कटौती के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पा रहा है। इस कारण अभी सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि समस्या हल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने जल संस्थान दफ्तर में ताले डालने के बाद प्रदर्शन भी किया, जिसमें प्रकाश बोरा, गिरीश उपाध्याय, मनोज पांगती, गंगा रावत, सरस्वती साह, जमुना देवी, उमा माहरा, राधिका कन्याल, गंगा उपाध्याय, हेमा देवी, रीता वर्मा, मीना रौतेला, कलावती बाफिला, किरन देवी आदि शामिल रहे। बेड़ीनाग में मार्च से पेयजल का संकट जारी है। अब भी यहां पेयजल सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है।
जिला मुख्यालय में भी स्थिति खराब
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में पेयजल वितरण की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। अधिकांश मोहल्लों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। जल संस्थान के अधिकारी घाट पंपिंग योजना से पानी कम लिफ्ट होने की बात कहकर रोज टालमटोल कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, लुंठ्यूड़ा, बजेटी क्षेत्र में भारी किल्लत रही। उपभोक्ताओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, यदि जल्दी पेयजल का संकट हल नहीं हुआ तो यहां पर पानी को लेकर बड़ा आंदोलन हो सकता है।