अपने शावकों से अलग हुई तेंदुआ खूंखार हो गई है। शावकों से अलग होने पर वह लोगों की जान लेने पर आमादा हो गई है। बृहस्पतिवार को उसने शहर में घुसकर एक बुजुर्ग और एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक घर में घुसी इस तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में दो अन्य युवक भी जख्मी हो गए। वह शहर के उसी देवपुरी (सेरा) इलाके में घुसी थी, जहां 14 फरवरी को उसके दो शावक घुसे थे। देवपुरी के बाद वह शहर की जीआईसी रोड के एक मकान की सीढ़ी के नीचे दुबक गई। इस मामले में वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई हैं। वन विभाग की ट्रेंकुलाइजर गन ने काम नहीं किया। चार बार ट्रेंकुलाइजर गन का प्रयोग करने के बाद भी तेंदुए को बेहोश करने में वन महकमा नाकाम रहा। बाद में अल्मोड़ा से मंगाए गई ट्रेंकुलाइजर गन का सटीक प्रयोग करने में भी विभाग नाकाम रहा। लोगों में वन महकमे के खिलाफ खासा रोष देखा गया। समाचार लिखे जाने तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिली थी।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे देवपुरी मोहल्ले में सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज के पास लोगों ने तेंदुए को देखा। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सुबह 7.45 बजे देवपुरी में तेंदुए ने घर के बाहर खड़ी कलावती देवी (70) पत्नी स्वर्गीय भवदेव जोशी पर हमला कर उसे घायल कर दिया। तेंदुए ने कलावती का सिर फाड़ डाला। बुजुर्ग को घायल करने के बाद तेंदुआ पास में ही चूड़ामणि जोशी के मकान की पिछली गली में घुस गई, जहां से बाहर निकलने के लिए दो तरफ छोटी सी गली थी। वन कर्मी करीब साढ़े आठ बजे पिंजरे के साथ मौके पर पहुंचे। पिंजरा मकान की गली में लगाकर मकान के आंगन में रख दिया गया। ट्रेकुलाइज गन मौके पर थी, पशु चिकित्सक डा. मनोज जोशी सुई में बेहोशी की दवा भरकर तैयार थे, लेकिन वन महकमा ट्रेंकुलाइज गन को तैयार नहीं कर पा रहा था। डीएफओ आईपी सिंह स्वयं ट्रेंकुलाइजर के पुर्जों को ढूंढते रहे। इस बीच वह अल्मोड़ा वन विभाग से ट्रेंकुलाइज गन भेजने के लिए फोन करते रहे। ट्रेंकुलाइज गन तैयार न होने के संबंध में वन कर्मियों से पूछा गया तो वह गन में प्रेशर न बनने की बात कहने लगे। करीब साढ़े नौ बजे चूड़ामणि जोशी की मकान के कमरे में डीएफओ और अन्य वनकर्मी घुसे। कमरे की खिड़की की जाली काटी गई।
9.44 बजे डीएफओ ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए पर निशाना साधा, लेकिन तेंदुआ बेहोश नहीं हुआ। उसके कुछ देर बाद फिर ट्रेंकुलाइजर का प्रयोग डीएफओ ने किया, लेकिन तेंदुए पर असर होने के स्थान पर वह और अधिक आक्रामक हो उठी। तेंदुआ मकान की गली से बाहर निकल आई। खेत में खड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास रहने वाले विक्रम सिंह थापा (35) पुत्र हयात सिंह थापा पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने उसके सिर, दोनों हाथों में जख्म कर दिए। लोगों के पत्थर मारने पर तेंदुआ छलांग लगाकर घनी आबादी की ओर दौड़ गई। यह करीब सवा दस बजे का वाकया है। लोग छतों पर चढ़ गए और घरों के दरवाजे बंद कर दिए। फिर कई घरों की गलियों में घुसने के बाद तेंदुआ जीआईसी रोड से सटे दिनेश चंद्र जोशी के घर की सीढ़ी की नीचे दुबक गई।
युवकों ने हौसला दिखाते हुए लकड़ी के डंडे के सहारे सीढ़ी को जाल से कवर कर दिया। इसी बीच जाल को डंडे से दबाए शहर के सिल्थाम निवासी दीपक चंद्र जोशी (35) पुत्र जय दत्त जोशी और सेरा निवासी नवीन सिंह मेहता (39) पुत्र स्वर्गीय करम सिंह की हथेली पर तेंदुए ने पंजा मार दिया। दोनों युवकों के हाथ में गहरे जख्म हो गए। 11 बजे डीएफओ ने एक बार फिर ट्रेंकुलाइजर गन का प्रयोग किया, लेकिन ये वार भी खाली गया। फिर इस स्थान को कवर कर वहां पिंजरा लगाया गया। दोपहर बाद सवा तीन बजे अल्मोड़ा से ट्रेंकुलाइजर गन मौके पर पहुंची। एक बार फिर डीएफओ ने ट्रेंकुलाइजर गन का प्रयोग करना चाहा, लेकिन तेंदुए के सीढ़ी के निचले हिस्से के कोने में दुबके होने से गन चलाने में दिक्कत आई। इस बीच, तेंदुआ लगातार गुर्राती रही। शाम छह बजे एक बार फिर एक वन कर्मी ने ट्रेंकुलाइजर से फायर किया। तेंदुआ बेहोश हुई या नहीं, इसका पता नहीं लग पाया।
तो गंध से पहुंचा तेंदुआ स्थल पर
वन्यजीवों के जानकारों ने पहले ही अंदेशा जता दिया था कि शावकों को पकड़ने के बाद मादा तेंदुआ अवश्य उनकी खोज में इलाके में घूमेगी, हुआ भी वैसा ही। तेंदुए के ठीक उसी स्थान पर पहुंचने के पीछे कहा जा रहा है कि शेर, बाघ, तेंदुआ गंध सूंघकर अपने प्रजाति के जीवों का पता लगाते हैं। समझा जा रहा है कि यह तेंदुआ भी शावकों के मल, मूत्र की गंध से वहां तक पहुंचा होगा।
लोगों का हुजूम हुआ जमा, सारी फोर्स मौके पर
जीआईसी लाइन में घर की सीढ़ियों में तेंदुए के दुबके होने की सूचना पर हजारों लोगों का हुजूम मौके पर जमा हो गया। एहतियातन पुलिस ने जीआईसी रोड में वाहनों का संचालन बंद कर दिया। जिला मुख्यालय की सारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाउडस्पीकर से लोगों को किया सचेत किया। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा कई बार मौके पर पहुंचे, हालात का जायजा लिया। कोतवाल ध्यान सिंह समेत तमाम पुलिस आफीसर, कर्मी मौके पर डटे रहे। भीड़ को काबू करने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर में सीडीओ विनोद गोस्वामी, एसडीएम अनुराग आर्य भी कुछ समय के लिए मौके पर पहुंचे।
स्कूल को करना पड़ा बंद
बृहस्पतिवार को सबसे पहले सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में तेंदुआ दिखा उस स्कूल को बृहस्पतिवार को बंद करना पड़ा। चार दिन पहले भी इसी विद्यालय में तेंदुए के शावक घुसे थे।