पिथौरागढ़। यदि आप शाम ढलने के बाद दोपहिया वाहन से नगरपालिका से जीआईसी या फिर लिंक रोड होते हुए पालिका की ओर आ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। अपटेक तिराहे के पास कुत्तों का झुंड आप पर झपट सकता है। लावारिश कुत्तों के हमले में हर माह दस से बारह लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
लावारिस कुत्तों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी से पिथौरागढ़ शहर असुरक्षित हो गया है। यह कुत्ते शाम ढलते ही हमलावर हो जाते हैं। सबसे खूंखार कुत्ते पालिका-जीआईसी मोटर मार्ग में अपटेक तिराहे के समीप हैं। यहां पर शाम होते ही कुत्ते दोपहिया वाहन सवारों पर झपटने लगते हैं। कुत्तों से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर गिरने से लोग घायल हो रहे हैं।
कुत्तों के हमले में सबसे अधिक महिलाएं घायल हो रही हैं। गंभीर होती जा रही इस समस्या के कारण अधिकांश लोगों को टकाना से घूमकर जाना पड़ रहा है। स्थिति की जानकारी के बाद भी कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के प्रयास नहीं हो रहे हैं। लोगों में में पालिका और प्रशासन के खिलाफ रोष है। कुमौड़ निवासी सेवानिवृत कर्नल एसपी गुलेरिया ने बताया कि लावारिस कुत्तों के कारण वह शाम को घूमने नहीं जा पा रहे हैं। दुकानों के बाहर झुंड में बैठे लावारिस कुत्ते हमला कर देते हैं।
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अस्पताल से अकेले घर नहीं लौट पाते तीमारदार
पिथौरागढ़। लावारिस कुत्तों के हमसे के कारण मरीजों की देखभाल में लगे तीमारदार जिला या महिला अस्पताल से अकेले रात में घरों को नहीं लौट पाते हैं। लिंक रोड, पांडेगांव, जीआईसी, टकाना, सिल्थाम, तिलढुकरी, घंटाकरण, जाखनी, कुमौड़ या फिर अन्य स्थानों पर कुत्तों का झुंड लोगों पर हमला कर रहा है। सुबह घूमने के लिए जाने वाले लोगों पर भी कुत्ते हमला कर देते हैं। कुत्तों के कारण लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं।
पत्रकार एसोसिएशन ने डीएम, एसपी के सामने रखी समस्या
पिथौरागढ़। लावारिस कुत्तों के कारण आम लोगों का सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन ने इस मामले को जिलाधिकारी रीना जोशी और पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के समक्ष भी उठाया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लावारिस कुत्तों के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। उन्होंने इस मामले में समय से उचित कार्यवाही करने की मांग उठाई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने समस्या को गंभीर मानते हुए शीघ्र उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय वर्द्धन उप्रेती, महासचिव भक्त दर्शन पांडेय, यशवंत महर, राकेश पंत, विपिन गुप्ता आदि शामिल थे।